हिमाचल में एंट्री टैक्स का मुद्दा गरमाया, भाजपा नेता सुभाष शर्मा ने गडकरी को लिखा पत्र

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 02 Apr, 2026 07:27 PM

subhash sharma writes to gadkari regarding entry tax in himachal

हिमाचल प्रदेश में वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

चंडीगढ़ :  हिमाचल प्रदेश में वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

अपने पत्र में डॉ. शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहन भी शामिल हैं। यह कदम न केवल आम यात्रियों और परिवहन कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है, बल्कि पड़ोसी राज्यों, खासकर पंजाब के लोगों में भी भारी असंतोष पैदा कर रहा है।

उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग केंद्र सरकार के धन से बनाए जाते हैं, ताकि राज्यों के बीच निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। ऐसे में इन सड़कों पर अतिरिक्त टैक्स लगाना इस उद्देश्य के विपरीत है और यात्रियों पर दोहरी कर व्यवस्था थोपता है। पत्र में संवैधानिक पहलुओं का भी उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यह एंट्री टैक्स भारतीय संविधान के अनुच्छेद 301 के तहत व्यापार, वाणिज्य और आवागमन की स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ प्रतीत होता है। साथ ही अनुच्छेद 304(b) के तहत राज्यों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को युक्तिसंगत और राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त होना आवश्यक है, जो इस मामले में सवालों के घेरे में है।

डॉ. शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड बनाम हरियाणा राज्य (2016) फैसले का हवाला देते हुए कहा कि एंट्री टैक्स गैर-भेदभावपूर्ण और सेवाओं के अनुपात में होना चाहिए, अन्यथा इसे असंवैधानिक माना जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इन पर पहले से ही एनएचएआई के नियमों के अनुसार टोल वसूला जाता है। ऐसे में राज्य द्वारा अतिरिक्त टैक्स लगाना दोहरी वसूली जैसा है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह कदम जीएसटी के “वन नेशन, वन मार्केट” की भावना के भी विपरीत है। सीमावर्ती इलाकों में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई गई है। अंत में डॉ. शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर हिमाचल प्रदेश सरकार को राष्ट्रीय राजमार्गों और एनएचएआई सड़कों पर लगाए गए एंट्री टैक्स को वापस लेने के निर्देश दें, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और राज्यों के बीच आवागमन सुचारू बना रहे।

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