स्वास्थ्य क्रांति के दावों की खुली पोल, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से 'बीमार' हुए सरकारी अस्पताल

Edited By Kalash,Updated: 10 Feb, 2026 01:10 PM

shortage of specialist doctor

पंजाब सरकार द्वारा राज्य में ‘स्वास्थ्य क्रांति’ लाने के किए जा रहे बड़े-बड़े दावों को जिला अमृतसर के सरकारी अस्पताल मुंह चिढ़ा रहे हैं।

अमृतसर (दलजीत): पंजाब सरकार द्वारा राज्य में ‘स्वास्थ्य क्रांति’ लाने के किए जा रहे बड़े-बड़े दावों को जिला अमृतसर के सरकारी अस्पताल मुंह चिढ़ा रहे हैं। जमीनी हकीकत यह है कि जिले के आठ कम्युनिटी हैल्थ सैंटरों और दो सब-डिवीजनल अस्पतालों में मैडीसिन स्पैशलिस्ट (विशेषज्ञ) डॉक्टरों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की पक्की नियुक्ति न होने के कारण जहां गरीब मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं सरकार के स्वास्थ्य सुविधाओं संबंधी दावों पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। जानकारी के अनुसार नियमों के तहत लगभग 2 लाख की आबादी पर एक कम्युनिटी अस्पताल सेवाएं देता है, जबकि सब-डिवीजनल अस्पताल इससे भी बड़ी आबादी को कवर करते हैं। किसी भी अस्पताल में मैडीसिन विशेषज्ञ की भूमिका सबसे अहम होती है, लेकिन अमृतसर के सरकारी अस्पताल इस बुनियादी सुविधा से ही वंचित हैं।

इन अस्पतालों में नहीं है कोई मैडीसिन स्पैशलिस्ट 

जिला अमृतसर के सरकारी कम्युनिटी अस्पताल थरिएवाल, वेरका, जंडियाला, अजनाला, बाबा बकाला, रमदास और लोपोके में मैडीसिन स्पैशलिस्ट डॉक्टरों की ओ.पी.डी. में कोई पक्की तैनाती नहीं है। हालांकि वेरका में एस.एम.ओ. डा. राज कुमार प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ मरीजों की जांच कर रहे हैं, लेकिन बाकी अस्पतालों की हालत दयनीय है। यही स्थिति सब-डिवीजनल अस्पताल बाबा बकाला और अजनाला की भी है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों या शहर के बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

सिविल अस्पताल में सिर्फ 3 घंटे की सेवाओं के भरोसे मरीज 

सिविल अस्पताल की हालत भी बहुत अच्छी नहीं है। विभाग यहां पक्के रूप से मैडीसिन स्पेशलिस्ट तैनात करने में असफल रहा है। फिलहाल एक ‘इम्पैनल्ड’ डॉक्टर के जरिए काम चलाया जा रहा है, जो दिन में केवल तीन घंटे ही सेवाएं देते हैं। सरकार उन्हें प्रति मरीज के हिसाब से भुगतान करती है। हालांकि एस.एम.ओ. डॉक्टर रजनीश स्वयं मैडीसिन विशेषज्ञ हैं, लेकिन उनके पास दो एस.एम.ओ. पदों का अतिरिक्त चार्ज और प्रशासनिक जिम्मेदारियां होने के कारण वे मरीजों को पूरा समय नहीं दे पाते।

जल्द होगी डॉक्टरों की तैनाती : सिविल सर्जन 

इस संबंध में सिविल सर्जन डा. सतिंदर सिंह बजाज ने माना कि कम्युनिटी हैल्थ सैंटरों में मैडीसिन डॉक्टरों की कमी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जल्द ही पक्के रूप से मैडीसिन स्पेशलिस्ट तैनात किए जा रहे हैं। फिलहाल सिविल अस्पताल में इम्पैनल्ड डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं और अब सब-डिवीजनल अस्पतालों में भी ऐसे डॉक्टर भेजे जा रहे हैं, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।

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