Edited By Kamini,Updated: 24 Mar, 2026 03:42 PM

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल से लागू किए जा रहे स्टेट एंट्री टैक्स में भारी वृद्धि के विरोध में पंजाब में आंदोलन तेज हो गया है।
पंजाब डेस्क : हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 1 अप्रैल से लागू किए जा रहे स्टेट एंट्री टैक्स में भारी वृद्धि के विरोध में पंजाब में आंदोलन तेज हो गया है। मंगलवार को रूपनगर जिले के घनौली-नालागढ़ मार्ग स्थित भैरावल हिमाचल एंट्री प्वाइंट पर किसान और सामाजिक संगठनों ने 2 घंटे तक चक्का जाम कर प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन के कारण दोनों ओर करीब 10 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हुई। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। संघर्षकारी पहले घनौली टी-प्वाइंट पर एकत्र हुए और फिर रैली के रूप में हिमाचल बैरियर तक पहुंचे, जहां चक्का जाम किया गया। इस प्रदर्शन में कीर्ति किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन (बहरामके) सहित कई संगठनों के नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एंट्री टैक्स में 100% से अधिक की वृद्धि से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इसका विशेष असर सीमावर्ती इलाकों के उन लोगों पर पड़ेगा, जो रोजाना दोनों राज्यों के बीच आवाजाही करते हैं। नेताओं ने "रेसिप्रोकल टैक्स" लागू करने और सीमावर्ती निवासियों को टैक्स से छूट देने की मांग की। किसान नेताओं ने बताया कि पहले जहां एंट्री टैक्स लगभग 70 रुपये था, उसे बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है। वहीं, बड़े वाहनों पर यह शुल्क 400 से 900 रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे व्यापार और आम जनजीवन के लिए नुकसानदायक बताया।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि 31 मार्च तक टैक्स वापस नहीं लिया गया, तो 1 अप्रैल से सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थायी धरना और चक्का जाम शुरू किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने आपातकालीन सेवाओं को बाधित नहीं करने की बात कही है। नेताओं ने दोनों राज्य सरकारों से आपसी बातचीत के जरिए इस मुद्दे का जल्द समाधान निकालने की अपील की है।
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