Edited By Kamini,Updated: 20 Jan, 2026 04:08 PM

पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने चरणजीत सिंह चन्नी के जातिगत बयान को लेकर किसी भी तरह की सीधी टिप्पणी करने से इनकार किया है।
पंजाब डेस्क: पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने चरणजीत सिंह चन्नी के जातिगत बयान को लेकर किसी भी तरह की सीधी टिप्पणी करने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पार्टी अध्यक्ष अपनी बात पार्टी के मंच पर ही रखते हैं। राजा वड़िंग ने स्पष्ट किया कि पंजाब देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जो आपसी भाईचारे का प्रतीक है। हमारे गुरुओं ने हमें एक ऐसा संदेश दिया है, जिसे हर व्यक्ति मानता है। पंजाब में जाति या धर्म के नाम पर राजनीति करने वाला व्यक्ति कभी सफल नहीं हो सकता। वड़िंग ने कहा कि यहां सभी धर्मों को समान सम्मान दिया जाता है और जाति-पात के नाम पर राजनीति करने की सोच रखने वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
राजा वड़िंग ने आगे कहा कि, पंजाब में आज तक यह फर्क नहीं किया गया कि कौन दलित है, कौन ईसाई है या कौन हिंदू। यहां दलित शब्द पर राजनीति नहीं हो सकती और जो भी ऐसा करने की कोशिश करेगा, उसका राजनीतिक रूप से नुकसान तय है। जाति और धर्म के नाम पर राजनीति को भाजपा का एजेंडा बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस सोच से पूरी तरह दूर है। चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर बोलते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि अपर कास्ट के कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर चन्नी साहिब को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया गया और वह पार्टी के लिए गर्व का विषय बने। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के सभी नेताओं से अपील की कि वे भाजपा की सोच के अनुसार बयानबाजी करने से बचें। राजा वड़िंग ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष होने के नाते वे पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर पार्टी मंच पर ही रख सकते हैं। कांग्रेस की विचारधारा को कई लोग पूरी तरह नहीं समझते हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि 23 तारीख को पार्टी हाईकमान की बैठक में पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा 328 पावन स्वरूपों के मामले में लिए गए यू-टर्न पर प्रतिक्रिया देते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि यह उनका पहला यू-टर्न नहीं है और धीरे-धीरे सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी। आगामी विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री का चेहरा तय करना हाईकमान का काम है और बिना चेहरा घोषित किए भी चुनाव लड़ा जा सकता है। कांग्रेस हर राजनीतिक लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है और हिमाचल प्रदेश में भी पार्टी ने बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव लड़ा था।
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