35 हजार स्टूडेंट्स के सामने बड़ी परेशानी: NCERT किताबें नहीं मिलीं, पढ़ाई प्रभावित

Edited By Vatika,Updated: 08 Apr, 2026 11:55 AM

punjab school students

नई शिक्षा नीति के तहत सिलेबस में किए गए बदलाव के कारण शहर के स्कूलों में नई

चंडीगढ़: नई शिक्षा नीति के तहत सिलेबस में किए गए बदलाव के कारण शहर के स्कूलों में नई किताबों की भारी कमी सामने आई है। नया अकादमिक सत्र शुरू होने के बावजूद 9वीं, 10वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए NCERT की किताबें अभी तक स्कूलों में नहीं पहुंची हैं। हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग द्वारा किताबों के लिए करीब साढ़े 3 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर विद्यार्थी अब भी इंतजार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा असर सरकारी स्कूलों में देखने को मिल रहा है, जहां इस साल से 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें देने का फैसला लागू किया गया था, लेकिन किताबें न पहुंचने से यह योजना ही संकट में आ गई है। शहर के 117 सरकारी स्कूलों में करीब 35 हजार विद्यार्थी पढ़ाई के लिए किताबों से वंचित हैं।

पीडीएफ और नोट्स बने सहारा
किताबों की कमी के चलते शिक्षक अब ऑनलाइन माध्यम का सहारा ले रहे हैं। कई स्कूलों में शिक्षक एनसीईआरटी की वेबसाइट से पीडीएफ डाउनलोड कर विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर शिक्षक अपने नोट्स तैयार कर पढ़ाई करवा रहे हैं। जिला शिक्षा कार्यालय ने भी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि पहले चार पाठों की फोटोकॉपी विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जाए।

देरी से फैसले का असर
जानकारी के अनुसार नए सिलेबस में सबसे ज्यादा बदलाव 9वीं कक्षा में किया गया है। यह फैसला दिसंबर-जनवरी में देरी से लिया गया, जिसके कारण किताबों की छपाई समय पर नहीं हो सकी और इसका सीधा असर सप्लाई पर पड़ा।

प्राइवेट स्कूल भी प्रभावित
यह समस्या केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है। प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थियों को भी बाजार में नई किताबें पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो रही हैं। कई छात्रों ने अधूरी किताबें खरीदकर काम चलाना शुरू कर दिया है।

नई व्यवस्था बनी परेशानी
पिछले साल तक सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी किताबें खुद बाजार से खरीद लेते थे, जिससे ऐसी समस्या नहीं आती थी। इस साल मुफ्त वितरण की नई व्यवस्था समय पर सप्लाई न होने के कारण परेशानी का कारण बन गई है।

जल्द सुधार की उम्मीद
जिला शिक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार के अनुसार किताबों का ऑर्डर दिया जा चुका है और भुगतान भी हो गया है। विभाग लगातार एनसीईआरटी के संपर्क में है और अगले 10 से 15 दिनों में किताबें स्कूलों तक पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल छात्रों और शिक्षकों को अस्थायी व्यवस्थाओं से ही काम चलाना पड़ रहा है।

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