दिवाली तक करोड़ों की मिठाई खा जाएंगे पंजाबी, लेकिन... खबर पढ़ रह जाएंगे हक्के-बक्के

Edited By Kalash,Updated: 09 Oct, 2025 05:43 PM

punjab people will eat sweets worth crores by diwali

करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की मिठाइयों की बिक्री होने का अनुमान है

बठिंडा (विजय वर्मा): दिवाली तक बठिंडा जिले में करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की मिठाइयों की बिक्री होने का अनुमान है। बाजारों में रौनक बढ़ी है और मिठाई दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। इन मिठाइयों में मिलावट या हानिकारक तत्व हैं या नहीं, इसकी जांच में सेहत विभाग की फूड सेफ्टी शाखा अभी भी सुस्त है। विभाग ने 1 अक्तूबर से विशेष अभियान चलाकर मिठाइयों व अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल खरड़ स्थित लैब में जांच के लिए भेजने शुरू किए हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले पांच दिनों में आठ सैंपल भेजे जा चुके हैं, जबकि आने वाले दिनों में और सैंपल भेजे जाएंगे। मगर जांच रिपोर्टें दीवाली के बाद ही आएंगी। यानी जब तक रिपोर्टें आएंगी, तब तक शहरवासी वही मिठाइयां खा चुके होंगे जिनकी शुद्धता पर संदेह है।

पुरानी रिपोर्टें भी नहीं आई

विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि गणेशोत्सव से पहले लिए गए सैंपलों की रिपोर्टें आज तक नहीं मिली। अब तक किसी भी दुकानदार को मिलावटी मिठाई बेचने पर सजा नहीं हुई है। कुछ मामलों में मामूली जुर्माना लगाकर ही खानापूरी की गई।

नकली खोवा की फिर आशंका

हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश से नकली खोवा बठिंडा में आने की संभावना है। पिछले साल भी सिंथेटिक खोवा पकड़ा गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। विशेषज्ञ बताते हैं कि नकली खोवा तैयार करने के लिए दूध में वॉशिंग पाउडर, यूरिया, रिफाइंड तेल और घटिया वनस्पति घी मिलाया जाता है। इस सिंथेटिक दूध से तैयार खोवा सेहत के लिए बेहद खतरनाक होता है।

FSSAI के नियमों की अनदेखी

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के वर्ष 2020 के नियमों के अनुसार, मिठाई विक्रेताओं को हर ट्रे पर मिठाई की एक्सपायरी डेट अंकित करना अनिवार्य है। ताकि ग्राहक को तुरंत पता चल सके कि मिठाई कितनी ताजा है परंतु जिले में अधिकांश दुकानें इस नियम का पालन नहीं कर रहीं।

500 से अधिक दुकानें, लाइसेंस अधूरे

नियमों के मुताबिक हर मिठाई विक्रेता को फूड सेफ्टी विभाग में रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस लेना जरूरी है लेकिन जिले की 500 से ज्यादा दुकानों में से बहुत कम के पास यह लाइसेंस है। अफसरों को यह सुनिश्चित करने का जिम्मा दिया गया था, परंतु इस दिशा में भी पूरी लापरवाही बरती जा रही है।

विभाग का दावा- रिपोर्टिंग सिस्टम होगा मजबूत

फूड सेफ्टी विभाग के सहायक फूड कमिश्नर अमृतपाल सोढ़ी ने बताया कि विभाग ने 1 अक्तूबर से विशेष सैंपलिंग अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि खुले में मिठाई बेचने वालों और पंडालों में बिक्री करने वालों की जांच की जा रही है। मिठाइयों की ट्रे पर जानकारी अंकित करने और बिक्री से पहले अस्थायी लाइसेंस लेने की अनिवार्यता की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार रिपोर्टिंग सिस्टम को और मजबूत बनाया जा रहा है ताकि जांच रिपोर्टें समय पर मिल सकें।

मुख्य तथ्य:

दिवाली तक 10 करोड़ की मिठाई बिक्री का अनुमान।
जांच रिपोर्टें त्योहार बीतने के बाद आएंगी।
गणेशोत्सव से पहले लिए गए सैंपल अब तक लंबित।
दिल्ली-राजस्थान से नकली खोवा की आवक तय।
एफएसएसएआई नियमों का पालन नहीं।
500 से ज्यादा दुकानें, अधिकतर बिना लाइसेंस।

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