Edited By Subhash Kapoor,Updated: 25 Nov, 2025 06:25 PM

शहर में एक बार फिर तेजी से अवैध कॉलोनियां बनने लगी हैं। कौन-सी कॉलोनी सरकार के नियमों के अनुसार मंजूर है और कौन-सी नहीं, इसका कोई स्पष्ट पता नहीं चलता। खेती वाली और व्यावसायिक जमीनें लेकर उन पर धड़ाधड़ कॉलोनियां काटकर मनमरजी के दामों पर प्लॉट बेचे...
मानसा (जस्सल)-शहर में एक बार फिर तेजी से अवैध कॉलोनियां बनने लगी हैं। कौन-सी कॉलोनी सरकार के नियमों के अनुसार मंजूर है और कौन-सी नहीं, इसका कोई स्पष्ट पता नहीं चलता। खेती वाली और व्यावसायिक जमीनें लेकर उन पर धड़ाधड़ कॉलोनियां काटकर मनमरजी के दामों पर प्लॉट बेचे जा रहे हैं। बेहतरीन सुविधाओं, पानी, अच्छा वातावरण और चारों तरफ हरियाली होने के नाम पर इन कॉलोनियों की खूब प्रशंसा की जा रही है। हालांकि, शहर में पहले बने कॉलोनियों में रहने वाले बहुत से लोग वापस अपने पुराने घरों में लौट आए हैं, क्योंकि कॉलोनी संस्कृति उन्हें रास नहीं आई। इसके बावजूद, पहले की तुलना में मानसा में दर्जनों नए-नए नामों वाली कॉलोनियाँ फिर से बननी शुरू हो गई हैं। प्रशासन की नाक के नीचे ही इन कॉलोनियों में रिहायशी मकान बनाकर देने और शहर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने का जोर-शोर से प्रचार हो रहा है।
कुछ लोगों का कहना है कि कॉलोनियों की वैध और अवैध निर्माण प्रक्रियाओं के कारण मानसा के कई क्षेत्रों में आम आदमी के लिए घर बनाना मुश्किल हो गया है और उसकी पहुंच लगातार दूर होती जा रही है। कॉलोनियों के निर्माण और ज़मीनों के मनमाने दामों के चलते शहर के हर कोने में भूमि मूल्य आसमान छूने लगे हैं। स्थिति यह है कि नई कॉलोनियों के लिए मानसा के आसपास के क्षेत्रों में खेती और व्यावसायिक ज़मीनें खरीदकर उन्हें कॉलोनियों का रूप दिया जा रहा है। नियमों के अनुसार, शहर में जहाँ भी कॉलोनी बनाई जाती है, उसे सरकार से मंजूरी मिलना लाजमी है। बताया जा रहा है कि मानसा में बनीं और बन रही कई कॉलोनियों का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है और न ही प्रशासन या संबंधित विभाग अब तक इन अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई कर सके हैं।
हैरानी की बात यह है कि कई अवैध कॉलोनियों में सीवरेज, पानी की आपूर्ति, यहाँ तक कि बिजली के कनेक्शन भी उपलब्ध हैं। अवैध कॉलोनियों में सरकारी विभागों के कनेक्शन होने पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। पूर्व कौंसलर शिवचरण दास सूचन ने कहा कि जहां सरकार गरीबों को रहने के लिए मकान देने के दावे करती है, वहीं भूमि–माफिया के कारण ज़मीनों के दाम आग की तरह बढ़े हुए हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार में आम लोगों के लिए घर बनाना बहुत मुश्किल हो गया है। डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर ने कहा कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सरकार के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। लोग केवल मंजूरशुदा कॉलोनियों में ही अपने घर आदि बनाएं।