Edited By Kalash,Updated: 09 Jun, 2026 06:04 PM

पंजाब सरकार ने राज्य में बिना पंजीकरण के चल रहे और नियमों की अनदेखी करने वाले प्राइवेट प्ले-वे स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
संगरूर (विवेक सिंधुवानी): पंजाब सरकार ने राज्य में बिना पंजीकरण के चल रहे और नियमों की अनदेखी करने वाले प्राइवेट प्ले-वे स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 'अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन' स्कीम के तहत अब पंजाब के सभी निजी प्ले-वे स्कूलों को 'सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग' के पास पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में कड़ी चेतावनी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी संगरूर, प्रदीप सिंह गिल ने स्पष्ट किया है कि जो भी स्कूल संचालक इन नई हिदायतों का पालन नहीं करेंगे और तय समय में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएंगे, उनके खिलाफ विभाग द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर अभिभावकों के लिए भी एक विशेष एडवाइजरी जारी की है।
एडमिशन के नाम पर इंटरव्यू और स्क्रीनिंग टेस्ट पर रोक
नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, प्ले-वे स्कूलों में दाखिले के नाम पर बच्चों का कोई स्क्रीनिंग टेस्ट नहीं लिया जाएगा और न ही उनके माता-पिता का कोई इंटरव्यू होगा। बच्चों पर पढ़ाई का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा और उन्हें डराने-धमकाने पर पूरी तरह पाबंदी होगी। इसके अलावा, स्कूलों में 'टीचर-स्टूडेंट रेश्यो' भी तय कर दिया गया है, जिसके तहत एक शिक्षक अधिकतम 20 बच्चों को ही पढ़ा सकेगा, ताकि हर बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास पर पूरा ध्यान दिया जा सके।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के कड़े नियम
मासूम बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने निम्नलिखित बुनियादी मानक तय किए हैं, जिनका पालन न करने पर स्कूल बंद भी किए जा सकते हैं:
CCTV और बाउंड्री: स्कूल की चारदीवारी पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य है।
फायर सेफ्टी और हेल्थ रिकॉर्ड: बच्चों के स्वास्थ्य का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। साथ ही फायर सेफ्टी और स्वास्थ्य सुविधाओं की समय-समय पर जांच करानी होगी।
इमारत की बनावट: स्कूल भवन हवादार होना चाहिए। परिसर में साफ पीने का पानी, बच्चों के लिए रेस्ट रूम, लाइब्रेरी और लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग टॉयलेट होने जरूरी हैं। साथ ही स्कूल में एक केयरटेकर का होना भी अनिवार्य है।
पंजीकरण प्रक्रिया हुई ऑनलाइन, अभिभावक रखें ध्यान
डी.पी.ओ. प्रदीप सिंह गिल ने बताया कि स्कूल मालिकों और ट्रस्टों की सुविधा के लिए अब रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। स्कूल संचालक 'ई-सेवा पोर्टल' के माध्यम से या नजदीकी सुविधा केंद्रों पर जाकर अपने नए रजिस्ट्रेशन या पुराने रजिस्ट्रेशन को रिन्यू करवा सकते हैं।
अभिभावकों से अपील: जिला कार्यक्रम अधिकारी ने माता-पिता से विशेष अपील की है कि वे अपने बच्चों का दाखिला केवल उन्हीं प्ले-वे स्कूलों में करवाएं जो सरकार और विभाग के पास पहले से रजिस्टर्ड हैं, ताकि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य से कोई समझौता न हो।
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