रिहायशी इलाके में पेट्रोल पंप ‘जिंदा बम’ जैसा, गुस्साए लोगों ने दी चेतावनी

Edited By Sunita sarangal,Updated: 28 May, 2026 05:02 PM

people demand seal of basti mithu petrol pump

निवासियों का आरोप है कि रिहायशी इलाके के बीचों-बीच स्थित यह पेट्रोल पंप किसी 'जिंदा बम' की तरह है.

जालंधर(सोनू): बस्ती मिट्ठू इलाके में कुछ दिन पहले ही पेट्रोल पंप की पाइप में आग लगने की घटना सामने आई थी। इस घटना को लेकर लोगों ने पंप को रिहायशी इलाके से बाहर करने किए जाने को लेकर चेतावनी दी थी। वहीं आज इस मामले को लेकर इलाका निवासियों में भारी रोष पाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाके में स्थित पेट्रोल पंप पर तीसरी बार आग लगने की घटना 2 दिन पहले सामने आई थी। इसके बाद से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।

वहीं आज गुस्साए लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। निवासियों का आरोप है कि रिहायशी इलाके के बीचों-बीच स्थित यह पेट्रोल पंप किसी 'जिंदा बम' की तरह है, जिससे पूरे इलाके की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 3 दिनों के भीतर इस पेट्रोल पंप को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया, तो वे नेशनल हाईवे जाम करने पर मजबूर होंगे।

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे गुरसेवक सिंह बिट्टू ने बताया कि पिछली बार जब यहां आग लगी थी, तो आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि पूरी बस्ती में डर का माहौल बन गया था। इस हादसे में आग बुझाते समय एक स्थानीय युवक गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई। निवासियों ने आरोप लगाया कि पेट्रोल पंप के नीचे करीब 10-10 हजार लीटर के 4-5 तेल टैंकर दबे हुए हैं। यदि यहां कोई बड़ा हादसा होता है, तो पूरी बस्ती मिट्ठू का नामोनिशान जालंधर के नक्शे से मिट सकता है। लोगों का कहना है कि पेट्रोल पंप का मालिक केवल अपनी जेबें भरने में लगा है और जनता की जान को दांव पर लगा रहा है।

मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल पंप पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलते हुए दिखाया कि वहां आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण तक मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा, पंप पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों का कोई संपर्क नंबर तक प्रदर्शित नहीं किया गया है। लोगों का आरोप है कि यहां काम करने वाले स्टाफ को भी किसी प्रकार की इमरजेंसी से निपटने की ट्रेनिंग नहीं दी गई है।

स्थानीय निवासियों का दावा है कि नियमों के मुताबिक इतने छोटे और घने रिहायशी इलाके में पेट्रोल पंप की मंजूरी (NOC) मिल ही नहीं सकती। आरोप है कि पिछली सरकारों के समय सांठगांठ करके और स्थानीय कथित प्रधानों को पैसे देकर इस पेट्रोल पंप को अवैध रूप से चलवाया गया। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। निवासियों ने पुलिस से मांग की है कि जब तक पेट्रोल पंप का मालिक मौके पर आकर अपनी वैध एन.ओ.सी. और कागजात नहीं दिखाता, तब तक इस पंप को तुरंत सील किया जाए।

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