Edited By Kamini,Updated: 13 Apr, 2026 07:22 PM

कनाडा से पंजाबियों के लिए झटके वाली खबर सामने आई है।
पंजाब डेस्क : कनाडा से पंजाबियों के लिए झटके वाली खबर सामने आई है। दरअसल, कनाडा के नए इमिग्रेशन नियमों का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। ताजा जानकारी के अनुसार 30,000 लोगों पर डिपोर्टेशन (निर्वासन) का खतरा मंडरा रहा है, जिनमें बड़ी संख्या पंजाब से जुड़े लोगों की बताई जा रही है। इस फैसले से पंजाब के युवाओं में चिंता का माहौल है।
सूत्रों के मुताबिक, कनाडा सरकार ने अवैध तरीके से किए गए शरण (असाइलम) दावों को खारिज करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही कई लोगों के वीजा और वर्क परमिट रद्द किए जा रहे हैं। संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित लोगों को देश छोड़ने की प्रक्रिया और तारीख के बारे में सूचित किया जाए। मार्च 2026 से लागू इस बिल के तहत जिन लोगों ने 24 जून 2020 के बाद शरण की एप्लीकेशन दी है और एक साल से ज्यादा समय से कनाडा में रह रहे हैं, उनके दावों को खारिज कर दिया जाएगा। वहीं, जो लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका के रास्ते कनाडा में दाखिल हुए हैं, उनके मामलों में भी सख्ती बरती जा रही है, खासकर यदि उन्होंने तय समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं किया।
सबसे ज्यादा पंजाबी प्रभावित
इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पंजाबी समुदाय पर पड़ सकता है, क्योंकि कनाडा में शरण लेने वाले भारतीयों में उनकी संख्या अधिक है। नए नियमों के कारण कानूनी राहत पाना भी अब पहले की तुलना में काफी मुश्किल हो गया है और बड़ी संख्या में लोग सलाह के लिए विशेषज्ञों से संपर्क कर रहे हैं।
शरण के रास्ते बंद
माहिरों के अनुसार, अब शरण के जरिए स्थायी निवास पाने की संभावनाएं बेहद कम रह गई हैं। ऐसे में वैध इमिग्रेशन विकल्प जैसे स्किल्ड वर्कर प्रोग्राम या स्टडी वीजा ही सुरक्षित रास्ते माने जा रहे हैं। हालांकि, यह नियम उन लोगों पर लागू नहीं होगा, जो पहले से स्थायी निवासी हैं या कानूनी रूप से वैध परमिट पर रह रहे हैं।
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