Edited By Urmila,Updated: 23 Nov, 2025 11:05 AM

पंजाब को लेकर उठ रहे ताजा मुद्दे पर, पंजाब विधानसभा में विपक्ष कांग्रेस पार्टी के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब की सभी राजनीतिक पार्टियों से इस मुद्दे पर एक साथ आने की अपील की।
चंडीगढ़ : पंजाब को लेकर उठ रहे ताजा मुद्दे पर, पंजाब विधानसभा में विपक्ष कांग्रेस पार्टी के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब की सभी राजनीतिक पार्टियों से इस मुद्दे पर एक साथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि BJP की केंद्र सरकार चंडीगढ़ को लेकर एक बहुत ही सेंसिटिव अमेंडमेंट लाने की तैयारी कर रही है।
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि हाल की रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र सरकार राजनीतिक रूप से संविधान (131वां अमेंडमेंट) बिल ला रही है, जिसका मकसद चंडीगढ़ को कई दूसरे केंद्र शासित प्रदेशों की तरह संविधान के आर्टिकल 240 के तहत लाना है। अभी, चंडीगढ़ को पंजाब के गवर्नर एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर चलाते हैं, लेकिन यह अमेंडमेंट इसके एडमिनिस्ट्रेशन को एक स्वतंत्र, केंद्र द्वारा नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा चलाने की इजाजत देगा, जो राजधानी पर पंजाब के ऐतिहासिक और भावनात्मक दावे को असरदार तरीके से कमजोर कर देगा।
इस कदम को पंजाब पर एक और हमला बताते हुए, बाजवा ने कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर चंडीगढ़, दरियाओं के पानी और पंजाब यूनिवर्सिटी पर पंजाब के जायज अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार 1 से 19 दिसंबर तक होने वाले संसद के विंटर सेशन में एक अमेंडमेंट बिल ला रही है, जिसे 131वां अमेंडमेंट बिल-2025 बताया गया है। इस बिल के तहत केंद्र सरकार चंडीगढ़ को संविधान के आर्टिकल 240 में शामिल करने की प्लानिंग कर रही है। यह अमेंडमेंट इसे उन केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल कर देगा, जहां विधानसभा नहीं है।
पंजाब के नेताओं का कहना है कि इससे चंडीगढ़ पर पंजाब का एडमिनिस्ट्रेटिव और पॉलिटिकल कंट्रोल खत्म हो जाएगा। इसके जरिए चंडीगढ़ को हरियाणा को सौंपने का रास्ता साफ हो रहा है। ऐसे में पंजाब में पॉलिटिकल हंगामा मच गया है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस पार्टी और अकाली दल ने भी इसका कड़ा विरोध किया है।
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