PCA के जमीन सौदों में करोड़ों का खेल? ED ने खोली लेनदेन की परतें

Edited By Kalash,Updated: 14 Oct, 2026 12:47 PM

multi crore scam in pca land deals

जमीन खरीदने के सौदे, सरकारी कलेक्टर दरों से कई गुना अधिक भुगतान और बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चंडीगढ़ (पंकेस): जमीन खरीदने के सौदे, सरकारी कलेक्टर दरों से कई गुना अधिक भुगतान और बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एजेंसी ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की आपराधिक जांच के लिए पंजाब पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ईडी ने इस संबंध में मोहाली के एसएसपी को पत्र लिखकर जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया है। मामले का सबसे अहम पहलू जमीन की कीमतों के साथ-साथ भुगतान के बाद रकम के इस्तेमाल का है। ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, पीसीए से जमीन बेचने वाली कंपनियों को करोड़ों रुपये मिले, लेकिन इन कंपनियों के खातों में रकम आने के बाद उसके हस्तांतरण और निकासी के तरीके ने एजेंसी का ध्यान खींचा है। हालांकि, ये आरोप हैं और किसी भी पक्ष की आपराधिक जिम्मेदारी जांच तथा कानूनी प्रक्रिया से ही तय होगी।

11.91 करोड़ रुपये मिले, दो महीने में पूरी रकम निकलने का दावा 

ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीए ने पहली कंपनी को टीडीएस काटने के बाद अलग रखते हुए 11,91,44,025 रुपये का भुगतान किया। एजेंसी का दावा है कि कंपनी को मिली पूरी राशि दो महीनों के भीतर निकाल ली गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि इस रकम से तीन व्यक्तियों को बड़े भुगतान किए गए। इतनी बड़ी रकम का इतनी कम अवधि में निकल जाना जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है। एजेंसी ने लेनदेन को अपनी पड़ताल में शामिल किया है। अब यह स्पष्ट होना बाकी है कि रकम किन उद्देश्यों से निकाली गई, उसका अंतिम उपयोग कहां हुआ और संबंधित भुगतानों का जमीन सौदे से क्या संबंध था। इस मामले में जालंधर से जुड़े एक क्रिकेटर के भी शामिल होने की जानकारी मिल रही है। 

दो साझेदारों के खातों में पहुंचे 22.5-22.5 करोड़ रुपये 

दूसरी कंपनी के मामले में ईडी ने पीसीए से टीडीएस को छोड़कर 45,72,42,947 रुपये मिलने का उल्लेख किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें से 45 करोड़ रुपये कंपनी के दो साझेदारों को बराबर-बराबर हस्तांतरित किए गए। प्रत्येक साझेदार के हिस्से में 22.5 करोड़ रुपये आए। 45 करोड़ रुपये का साझेदारों के खातों में हस्तांतरण इस जांच का प्रमुख पहलू है। एजेंसी इन भुगतानों की परिस्थितियों और रकम के आगे हुए इस्तेमाल की पड़ताल करना चाहती है। केवल बैंक खातों में रकम का हस्तांतरण अपने आप में अपराध साबित नहीं करता, लेकिन जांच एजेंसी यह पता लगाना चाहती है कि संबंधित लेनदेन का वास्तविक आधार क्या था।

आठ चेक और डिमांड ड्राफ्ट से भुगतान, 44.60 लाख रुपये नकद निकाले 

रिपोर्ट में एक अन्य लेनदेन के तहत जमीन विक्रेता को टीडीएस को छोड़कर 19,57,17,555 रुपये का भुगतान आठ चेक या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से किए जाने का उल्लेख है। ये भुगतान तीन बैंक खातों में जमा हुए। ईडी के मुताबिक, अधिकांश रकम विभिन्न व्यक्तियों को हस्तांतरित कर दी गई, जबकि 44.60 लाख रुपये नकद निकाले गए। एजेंसी की जांच का अहम सवाल यह है कि इन लेनदेन के पीछे क्या कारण थे और धनराशि का अंतिम इस्तेमाल किस प्रकार हुआ।

6.92 करोड़ में खरीदी जमीन 58.22 करोड़ में बेचने का आरोप 

ईडी की रिपोर्ट में अजनाला क्षेत्र के जमीन सौदों को लेकर भी बड़ा अंतर सामने रखा गया है। एजेंसी के अनुसार, दो कंपनियों ने स्थानीय किसानों से लगभग 285 कनाल जमीन करीब 6.92 करोड़ रुपये में खरीदी। इसके बाद तीन से छह महीनों के भीतर 155 कनाल 15.5 मरले जमीन पीसीए को 58.22 करोड़ रुपये में बेच दी गई। ईडी का दावा है कि पीसीए ने कंपनियों द्वारा मूल रूप से चुकाई गई कीमत से लगभग 15.4 गुना अधिक राशि का भुगतान किया। बठिंडा के एक सौदे में भी पीसीए द्वारा करीब 19.77 करोड़ रुपये चुकाने का उल्लेख है, जबकि संबंधित जमीन की सरकारी कलेक्टर दर के अनुसार कीमत लगभग 5.03 करोड़ रुपये थी।

अब पुलिस जांच पर टिकी निगाहें 

ईडी ने संभावित आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के पहलुओं की जांच के लिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) और 318(4) का उल्लेख किया है। एजेंसी ने एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए मामले की विस्तृत आपराधिक जांच पर जोर दिया है। अब मुख्य सवाल हैं जमीन की कीमतें कैसे तय हुईं, भुगतान के बाद करोड़ों रुपये किन खातों में पहुंचे और रकम के हस्तांतरण तथा नकद निकासी का जमीन सौदों से क्या संबंध था? इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के स्पष्टीकरण से सामने आ सकेंगे। 

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!