Edited By Kamini,Updated: 02 Jul, 2026 01:13 PM

पंजाब कांग्रेस में फेरबदल के बाद पार्टी के भीतर असंतोष के संकेत दिखाई देने लगे हैं।
पंजाब डेस्क: पंजाब कांग्रेस में फेरबदल के बाद पार्टी के भीतर असंतोष के संकेत दिखाई देने लगे हैं। हाईकमान द्वारा किए गए बदलाव से नाराजगी बढ़ गई है। ऐसे में एक बार फिर पार्टी के अंदरूनी हालात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। दरअसल, कांग्रेस के सीनियर नेता और चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी को पार्टी में बदलाव के दौरान किसी भी अहम संगठनात्मक या चुनाव से जुड़ी भूमिका में शामिल नहीं किया गया। इसी बीच सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया एक पोस्ट साझा कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
मनीष तिवारी ने पोस्ट शेयर कर लिखा, ''है बड़ा कोई अवगुण उसमे जिसे कोई हुनर आवे। काश मेरे पास लोगों और संस्थाओं की इनसिक्योरिटीज के लिए कोई एंटीडोट होता! इंडियन नेशनल कांग्रेस ने मुझे पिछले 45 सालों में काफी कुछ दिया है और मैंने भी अपनी पूरी ज़िंदगी दशकों से कांग्रेस की सेवा में लगा दी है। जो होगा, सो होगा…।''
कांग्रेस द्वारा मनीष तिवारी को पंजाब के लिए नए वर्किंग प्रेसिडेंट और पोल पैनल अपॉइंट किया गया है। बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले भी कांग्रेस में ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी। उस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान का असर चुनावी माहौल पर भी पड़ा था। आपको ये भी बता दें कि, हाईकमान द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार वर्तमान में पंजाब कांग्रेस की कमान राजा वड़िंग के हाथों में है। चरणजीत सिं चन्नी-चेयरमैन कैंपने कमेटी, डॉ. अमर सिंह- चेयरमैन, मेनिफेस्टो कमेटी, सुखविंदर सिंह डैनी-वर्किंग प्रेसिडेंट, पंजाब कांग्रेस, राज कुमार वेरका-वर्किंग प्रेसिडेंट, पंजाब कांग्रेस, प्रताप सिंह बाजवा- एलओपी पद पर, पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा-चेयरमैन कोर कमेटी, विजय इंदर सिंगला- इलेक्शन मैनेजमेंट एंड कोऑर्डिनेशन कमेटी की जिम्मेदारी सौंपी है।
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