Edited By Urmila,Updated: 12 Oct, 2026 03:24 PM

त्योहारी सीजन के आगमन के साथ ही खाद्य पदार्थों में जहर घोलने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन बरनाला ने बड़ा एक्शन लिया है।
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): त्योहारी सीजन के आगमन के साथ ही खाद्य पदार्थों में जहर घोलने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन बरनाला ने बड़ा एक्शन लिया है। उपायुक्त हरप्रीत सिंह आई.ए.एस. के दिशा-निर्देशों के तहत चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) विवेक कुमार मोदी की अदालत ने मानकों पर खरे न उतरने वाली 9 व्यावसायिक फर्मों और उनके मालिकों को कुल 1 लाख 85 हजार 500 रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरी के जरिए लोगों की सेहत से खेलने वालों में हड़कंप मच गया है।
जिला मजिस्ट्रेट हरप्रीत सिंह ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि आम लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि दूध, पनीर, घी, तेल और अन्य डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बाजारों में औचक निरीक्षण तेज किए जाएं। उन्होंने बताया कि संदिग्ध वस्तुओं के नमूने जांच के लिए सरकारी लैब खरड़ भेजे जाते हैं और सब-स्टैंडर्ड पाए जाने वाले प्रत्येक मामले के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
अतिरिक्त उपायुक्त (ज) विवेक कुमार मोदी ने फैसले का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि अदालत द्वारा सुनवाई के दौरान बरनाला शहर की दो फर्मों के पनीर, एक फर्म के मिक्स दूध, एक फर्म के खोया बर्फी, एक के मिल्क केक, एक के दही, एक फर्म की लाल चटनी और एक फर्म के सरसों के तेल के नमूने लैब रिपोर्ट में घटिया दर्जे के साबित हुए। इसके अतिरिक्त रामपुरा फूल (बठिंडा) से संबंधित दो फर्मों के पनीर के सैंपल भी फेल पाए गए। इन सभी दोषियों के खिलाफ जुर्माना लगाकर सख्त ताकीद की गई है।
मोदी ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच और तेज की जाएगी तथा गैर-मानक सामान बेचने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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