Edited By Vatika,Updated: 14 Oct, 2026 09:39 AM

गांव संगोवाल स्थित अंबेरा ग्रीन फ्लैट्स में एक पारिवारिक विवाद सुलझाने के दौरान उस समय खूनी
लुधियाना(राज): गांव संगोवाल स्थित अंबेरा ग्रीन फ्लैट्स में एक पारिवारिक विवाद सुलझाने के दौरान उस समय खूनी खेल शुरू हो गया, जब समझौते की बातचीत से बौखलाए एक सिरफिरे पति ने अपनी पत्नी, दो मासूम बेटों और ससुर पर चाकू से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने घर के भीतर चारों को दौड़ा-दौड़ा कर गोदा, जिससे वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। हमले में गंभीर रूप से घायल बड़े बेटे के फेफड़े में खून भर जाने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है, जबकि ससुर की छाती पर 7 से 8 इंच गहरा जानलेवा घाव आया है।
पत्नी और छोटे बेटे की हालत भी नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद इलाके में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस चौकी मराडो की टीम ने अस्पताल पहुंचकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, संगोवाल के अंबेरा ग्रीन फ्लैट्स में रहने वाली शिवाली का अपने पति संदीप के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था। संदीप अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता था, बच्चों को स्कूल जाने से रोकता था और कई बार फ्लैट पर ताला जड़ देता था। मंगलवार को शिवाली का घर टूटने से बचाने और विवाद को शांत करवाने के लिए उसके बुजुर्ग पिता सुदर्शन सिंह पहुंचे हुए थे। दोनों पक्षों में काफी देर तक बातचीत हुई और आपसी सहमति बनने पर पिता ने कहा कि इन शर्तों को कागजों पर लिखित रूप में दर्ज करवा लिया जाए। आरोप है कि शिवाली जैसे ही बाहर से समझौते की शर्तें लिखवाकर फ्लैट में पहुंची, संदीप हाथ में धारदार चाकू लेकर खड़ा था। कागजात देखते ही वह आगबबूला हो गया और उसने बिना कोई मौका दिए परिवार पर चाकू से हमला बोल दिया।
आरोपी ने वहशीपन की सारी हदें पार करते हुए सबसे पहले अपने ही 14 वर्षीय बड़े बेटे शिवोहम उर्फ ओशो पर वार किए।ओशो के सिर, पेट और पीठ पर चाकू के कई गहरे घाव लगे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, चाकू लगने से उसके एक फेफड़े में खून जमा हो गया है, जिसके चलते उसे तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है और फेफड़े से खून निकालने के लिए चेस्ट ट्यूब डाली जा रही है। वहीं, बीच-बचाव करने आए बुजुर्ग ससुर सुदर्शन सिंह की छाती पर आरोपी ने चाकू से 7 से 8 इंच गहरा वार किया, जिससे वह वहीं गिर पड़े। आरोपी ने पत्नी शिवाली की गर्दन पर चाकू चलाकर उसे लहूलुहान कर दिया और छोटे बेटे मलिक साहिब सिंह की पीठ पर चाकू से कई वार किए, जिन्हें डॉक्टरों को दर्जनों टांके लगाकर संभालना पड़ा। फ्लैट में रहने वाली योगिता ने बताया कि हमले के दौरान खून से लथपथ शिवाली ने उन्हें फोन कर रोते हुए मदद की गुहार लगाई थी। शिवाली ने कहा कि संदीप उसके पिता, दोनों बच्चों और उस पर अंधाधुंध चाकू चला रहा है। पड़ोसियों ने तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पड़ोसियों का आरोप है कि सूचना देने के काफी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और पड़ोसियों की मदद से सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए एसपीएस (SPS) अस्पताल पहुंचाया गया।
पड़ोसी चमनदीप सिंह और शिवाली के भाई दीक्षित लड्डा ने बताया कि संदीप के हिंसक रवैये से पूरा परिवार पहले से ही खौफ में था और पूर्व में भी पुलिस में शिकायतें दी गई थीं।चमनदीप ने बताया कि जब वह दफ्तर से लौटे तो गली में चीख-पुकार मची थी। लोगों का आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने मदद करने पहुंचे आसपास के लोगों और पड़ोसियों को भी जान से मारने की धमकियां दीं। परिजनों और स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि आरोपी संदीप के खिलाफ हत्या के प्रयास की संगीन धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस चौकी मराडो के एएसआई तरसेम सिंह ने बताया कि अंबेरा ग्रीन फ्लैट्स में धारदार हथियार से एक ही परिवार के चार लोगों को गंभीर रूप से घायल करने की सूचना मिली है। मामले के जांच अधिकारी एएसआई हरबंस सिंह पुलिस बल के साथ एसपीएस अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायलों और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।