Edited By Kamini,Updated: 09 May, 2026 12:15 PM

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, लुधियाना ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बिल्डर कंपनी को उपभोक्ता की जमा राशि 11.72 लाख रुपए ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं।
‘लुधियाना (मेहरा) : जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, लुधियाना ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बिल्डर कंपनी को उपभोक्ता की जमा राशि 11.72 लाख रुपए ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। आयोग ने कहा कि फ्लैट का आवंटन रद्द होने के बाद भी खरीदार की राशि वापस न करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।
उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त पीठ की अध्यक्ष प्रीति मल्होत्रा तथा सदस्य मोहिंदर सिंह बराड़ ने बिल्डर पर 25,000 रुपए हर्जाना और 10,000 रुपए मुकद्दमेबाजी खर्च भी लगाया। यह मामला मालेरकोटला निवासी मुकेश गांधी द्वारा हीरो रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड और उसके “हीरो होम्स” प्रोजेक्ट, गांव बीरमी (लुधियाना) के खिलाफ दायर शिकायत से जुड़ा था। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता पुष्कर महेंद्रू ने आयोग को बताया कि वर्ष 2015 में बिल्डर के प्रतिनिधियों ने आधुनिक सुविधाओं, प्रीमियम फिटिंग्स और बेहतर निर्माण गुणवत्ता का भरोसा देकर पहले 2.5 बीएचके तथा बाद में लगभग 1700 वर्ग फुट का 3 बीएचके फ्लैट बुक करवाया। उपभोक्ता ने अलग-अलग किश्तों में कुल 11.72 लाख रुपए का भुगतान किया।
शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2020 में साइट विजिट के दौरान निर्माण कार्य और वादों में भारी अंतर पाया गया। आरोप लगाया गया कि फ्लैट की सीलिंग हाइट कम थी, निर्माण सामग्री निम्न स्तर की थी, फिनिशिंग खराब थी तथा प्रोजेक्ट में कई वादा की गई सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। दूसरी ओर बिल्डर ने दलील दी कि शिकायतकर्ता नियमित भुगतान करने में विफल रहा और एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार बकाया राशि जमा न होने पर आवंटन रद्द किया गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद आयोग ने कहा कि चाहे भुगतान में कुछ चूक रही हो, लेकिन बिल्डर खरीदार की जमा राशि को अनिश्चित समय तक अपने पास नहीं रख सकता। आयोग ने स्पष्ट किया कि आवंटन रद्द होने के बाद राशि वापस न करना अनुचित और उपभोक्ता अधिकारों के खिलाफ है।
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