हर्निया की सर्जरी पर बीमा कंपनी की मनमानी पड़ी भारी, आयोग ने दिए आदेश

Edited By Vatika,Updated: 06 Oct, 2026 11:28 AM

insurance company s arbitrary stance on hernia surgery proves costly

जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने हर्निया के इलाज से जुड़े एCourt क मामले में बीमा कंपनी को बड़ा झटका दिया है

जालंधर: जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने हर्निया के इलाज से जुड़े एक मामले में बीमा कंपनी को बड़ा झटका दिया है। आयोग ने कहा कि पेट के बाएं और दाएं तरफ हुआ हर्निया शरीर के अलग-अलग हिस्सों में है और दोनों की सर्जरी अलग प्रक्रिया से हुई है। इसलिए दोनों सर्जरी के लिए अलग-अलग बीमा क्लेम मिलना चाहिए।

मामला जालंधर के अर्बन एस्टेट निवासी उपभोक्ता का है। उपभोक्ता के पास ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की ग्रुप हेल्थ पॉलिसी थी, जो 24 फरवरी 2024 से 23 फरवरी 2025 तक वैध थी। 31 अगस्त 2024 को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और 1 सितंबर को छुट्टी मिली। इस दौरान पेट के दोनों तरफ के इनग्वाइनल हर्निया की सर्जरी हुई। इलाज का कुल बिल 96,730 रुपए आया। बीमा कंपनी ने पॉलिसी में 40 हजार रुपए की सीमा का हवाला देते हुए केवल 40 हजार रुपए का क्लेम मंजूर किया। कंपनी का कहना था कि हर्निया के इलाज के लिए 40 हजार रुपए की सीमा पूरे इलाज पर लागू होती है।

आयोग ने कंपनी की दलील खारिज की
उपभोक्ता आयोग ने पॉलिसी की शर्तों की जांच के बाद बीमा कंपनी की दलील को खारिज कर दिया। आयोग ने माना कि बाएं और दाएं तरफ का हर्निया अलग-अलग शारीरिक स्थान पर था और दोनों की अलग-अलग सर्जरी हुई। ऐसे में 40 हजार रुपए की सीमा प्रत्येक सर्जरी पर अलग-अलग लागू होगी।आयोग ने बीमा कंपनी को 40 हजार रुपए की बाकी राशि 6 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। इसके अलावा उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी के लिए 20 हजार रुपए देने के भी निर्देश दिए गए।

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