मुख्यमंत्री ने खुद हैलीकाप्टर से फिल्लौर में किया था अवैध माइनिंग का मुआयना

Edited By Vatika,Updated: 13 Aug, 2019 09:43 AM

illegal mining

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने 6 मार्च 2018 को करतारपुर में स्थित जंगे आजादी स्मारक के दूसरे चरण का लोकार्पण करने के दौरान हैलीकॉप्टर से

चंडीगढ़ः मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने 6 मार्च 2018 को करतारपुर में स्थित जंगे आजादी स्मारक के दूसरे चरण का लोकार्पण करने के दौरान हैलीकॉप्टर से सतलुज किनारे अवैध माइनिंग होते देखी थी।

करतारपुर में उतरते ही उन्होंने सबसे पहले जालंधर व नवांशहर के एस.एस.पी. और डी.सी. को आदेश जारी किए कि माइनिंग को तुरंत प्रभाव से रोका जाए और केस दर्ज किया जाए। तब कैप्टन ने कहा कि अवैध माइनिंग करने वाले को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिक्रयोग्य है कि अवैध खनन का मामला पंजाब में काफी वर्षों से गर्माया हुआ है। अब प्रताप बाजवा के आरोपों के बाद अवैध खनन कैप्टन सरकार की कार्यशैली को सवालों के घेरे में ला रहा है। आखिर मुख्यमंत्री के लाख दावों के बावजूद पंजाब में अवैध कारोबार कैसे प्रफुल्लित हो रहा है।

यहां तक कि पूर्व कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत का नाम खनन मामले में आने पर उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। पंजाब में रेत माफियाओं का खात्मा करने के दावे पर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार अवैध खनन पर अंकुश लगाने में नाकाम रही है। 

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