Edited By Urmila,Updated: 20 Apr, 2026 03:07 PM

गुरदासपुर के जेल रोड पर घटी एक घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वैज्ञानिक सोच के जरिए बड़े से बड़े कथित रहस्य को सुलझाया जा सकता है।
गुरदासपुर (हरमन.विनोद): गुरदासपुर के जेल रोड पर घटी एक घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वैज्ञानिक सोच के जरिए बड़े से बड़े कथित रहस्य को सुलझाया जा सकता है। जहां आज के दौर में मनुष्य चांद और अन्य ग्रहों पर पहुंचकर नई खोजें कर रहा है, वहीं हमारे समाज का एक हिस्सा अभी भी भूत-प्रेतों और जादू-टोने जैसे अंधविश्वासों के दलदल में फंसा हुआ है।
ऐसा ही कुछ गुरदासपुर के एक चार सदस्यीय परिवार के साथ हो रहा था, जहां बंद अलमारियों में रखे कपड़े, पर्दे और फर्नीचर अचानक जलने लगते थे। इसके साथ ही रसोई में गैस चूल्हा अपने आप जल जाना, बर्तनों का गिरना और लाइटों का अपने आप जलना जैसी घटनाओं ने परिवार को बुरी तरह दहशत में डाल रखा था। धार्मिक पूजा-पाठ करवाने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो परिवार ने अंत में स्थानीय तर्कशील इकाई से संपर्क किया।
तर्कशील नेता तरलोचन सिंह, प्रेम थापा, अजय कुमार और राजू झाखोलाड़ी ने मौके पर पहुंचकर मामले की बारीकी से जांच की और महज एक घंटे के भीतर ही इस पूरे रहस्य को सुलझा दिया। जांच के दौरान यह सामने आया कि यह कोई रूहानी ताकत नहीं थी, बल्कि मानसिक तनाव के कारण घर के ही एक सदस्य द्वारा अंजाम दी जा रही गतिविधियां थीं।
उक्त व्यक्ति ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसा न करने का वादा किया, जिसके बाद अब वह परिवार पूरी तरह खुश है। तर्कशील नेताओं ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि दुनिया में भूत-प्रेत या चमत्कार जैसी कोई चीज नहीं होती और अक्सर ऐसी घटनाएं मानसिक उलझनों के कारण घटती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि घर में हर सदस्य को बराबर सम्मान और प्यार दिया जाए, तो ऐसी नौबत नहीं आएगी।
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