अवैध शराब कारोबार को लेकर DC सख्त, जारी किए निर्देश

Edited By Sunita sarangal,Updated: 05 Jun, 2026 05:56 PM

dc instructions regards illegal liquor business

डी.सी. ने कहा कि मिथेनॉल (मिथाइल अल्कोहल) एक जहरीला रासायनिक पदार्थ है

पटियाला(राजेश पंजौला): पंजाब सरकार द्वारा अवैध और नकली शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए जारी निर्देशों के तहत डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने एक विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, आबकारी विभाग तथा ड्रग कंट्रोलर विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर लगातार जांच अभियान चलाया जाए और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मिथेनॉल के दुरुपयोग से न केवल कानून का उल्लंघन होता है, बल्कि यह लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए नकली शराब बेचने वालों और इस अवैध धंधे से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डी.सी. ने कहा कि मिथेनॉल (मिथाइल अल्कोहल) एक जहरीला रासायनिक पदार्थ है और इसके दुरुपयोग से किसी भी समय अप्रिय घटना घट सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों, अवैध शराब बिक्री वाले इलाकों, श्रमिक बस्तियों तथा स्लम क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया जाए। साथ ही आम जनता को जागरूक करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी संचालित किया जाए। डिप्टी कमिश्नर ने आबकारी विभाग को निर्देश दिए कि मिथेनॉल (मिथाइल अल्कोहल) के डीलरों एवं संस्थानों की निगरानी के लिए संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें गठित की जाएं, ताकि इसकी खरीद, बिक्री और आवाजाही पर प्रभावी नजर रखी जा सके। उन्होंने सभी एस.डी.एम. को अपने-अपने क्षेत्रों में मिथेनॉल और अन्य रासायनिक पदार्थों के लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों की जांच करने के निर्देश भी दिए।

डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने आबकारी विभाग को यह भी निर्देशित किया कि मिथेनॉल के लिए लाइसेंस रखने वाली फर्मों तथा शराब कारोबार से संबंधित लाइसेंसधारी यूनिटों की अलग-अलग सूची तैयार कर संबंधित विभागों के साथ साझा की जाए, ताकि निगरानी और जांच प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इस अवसर पर एस.पी. वैभव चौधरी ने बताया कि पुलिस द्वारा समय-समय पर जांच और छापेमारी की जाती है तथा भविष्य में भी ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे।

वहीं सिविल सर्जन डॉ. शैली जेटली ने बताया कि मिथेनॉल युक्त शराब के सेवन से चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना, पेट दर्द और बेहोशी जैसे लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। उन्होंने यह भी अपील की कि मिथेनॉल युक्त औद्योगिक उत्पादों का सुरक्षित भंडारण किया जाए तथा उन्हें बच्चों की पहुंच से दूर रखा जाए।

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    डिप्टी कमिश्नर ने दोहराया कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और नकली शराब के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त राजेश एरी, आबकारी अधिकारी रुपिंदर जीत, ड्रग विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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