Edited By Kamini,Updated: 13 Oct, 2026 11:34 AM

स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए सड़क पर कचरा फेंकने और कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर: स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए सड़क पर कचरा फेंकने और कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, कैंट एरिया में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कैंट बोर्ड ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत सड़क पर कचरा फेंकने और कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
कैंटोनमेंट बोर्ड ने कचरा प्रबंधन को लेकर नए बायलॉज तैयार किए हैं, जिन्हें 15 अक्टूबर को होने वाली बैठक में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस संबंधी जानकारी देते हुए छावनी प्रभारी विनोद वर्मा ने बताया कि, इन नियमों के तहत आम नागरिकों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों, आयोजकों और निर्माताओं तक के लिए अलग-अलग जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बैठक में बायलॉज को मंजूरी मिलने के बाद आम लोगों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा और उनका निस्तारण करने के बाद ही नए नियमों को लागू किया जाएगा। नए नियम लागू होने से कैंट एरिया में कचरे के उचित निस्तारण को बढ़ावा मिलने और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने पर रोक लगाने की उम्मीद है।
किन नियमों के उल्लंघन पर कितना लगेगा जुर्माना?
कैंटोनमेंट बोर्ड के प्रस्तावित बायलॉज के तहत रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर होटल, रेस्टोरेंट और औद्योगिक इकाइयों तक के लिए अलग-अलग जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सूची इस प्रकार है:
कैंटोनमेंट बोर्ड के प्रस्तावित नियमों के तहत रेहड़ी-पटरी वालों द्वारा कचरा फैलाने और आवासीय क्षेत्र में कचरे का उचित प्रबंधन न करने पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। हॉर्टिकल्चर कचरे का सही प्रबंधन न करने पर भी आवासीय क्षेत्र में 200 रुपये का फाइन लगेगा। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने पर आम नागरिकों से 500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। गैर-आवासीय परिसरों में हॉर्टिकल्चर कचरे और निर्माण कचरे का उचित निपटान न करने पर भी 500 रुपये का जुर्माना प्रस्तावित है। 5 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में कचरा प्रबंधन के नियमों का उल्लंघन करने वाले गैर-आवासीय संस्थानों पर भी 500 रुपये का फाइन लगाया जाएगा।
इसके साथ ही खुले में ठोस कचरा जलाने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। बिना लाइसेंस 100 से अधिक लोगों का कार्यक्रम आयोजित करने पर इवेंट मैनेजर या आयोजक से 5 हजार रुपये वसूले जाएंगे। कचरे का उचित निपटान न करने पर आरडब्ल्यूए और मार्केट एसोसिएशन पर भी 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसी तरह, कचरे का सही प्रबंधन न करने वाले संस्थानों, होटल और रेस्टोरेंट पर 5 हजार रुपये का जुर्माना प्रस्तावित है। औद्योगिक इकाइयों में निर्धारित नियमों के अनुसार ईंधन का इस्तेमाल न करने पर भी 5 हजार रुपये का फाइन लगाया जा सकता है।
कचरा प्रबंधन नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माना
बताया जा रहा है कि, अगर कोई आयोजक बिना लाइसेंस वाली जगह पर 100 से अधिक लोगों का इकट्ठ यानी कि कोई कार्यक्रम या फिर पार्टी करता है और नियमों अनदेखी करता है तो उसे 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। औद्योगिक इकाइयों के लिए कचरे से बने ईंधन का इस्तेमाल अनिवार्य है।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here