Jalandhar: सिटी रेलवे स्टेशन को मिलेगा Airport जैसा नया लुक, 95 करोड़ से बनेगी हाईटेक इमारत

Edited By Kamini,Updated: 08 Oct, 2026 09:53 AM

jalandhar city railway station

नवनिर्मित कैंट रेलवे स्टेशन जनता को समर्पित किए जाने के बाद अब रेलवे द्वारा सिटी रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।

जालंधर (पुनीत): नवनिर्मित कैंट रेलवे स्टेशन जनता को समर्पित किए जाने के बाद अब रेलवे द्वारा सिटी रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। करीब 95.06 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नए सिटी रेलवे स्टेशन के लिए बुधवार से पुरानी इमारत को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया। वायरिंग हटाने का काम मंगलवार को पूरा होने के बाद बुधवार को डिच मशीनों की मदद से स्टेशन की पुरानी इमारत से जुड़े उस हिस्से को तोड़ा गया, जिसका यात्रियों की आवाजाही से कोई सीधा संबंध नहीं है। इससे फिलहाल यात्रियों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी।

PunjabKesari

नए सिटी रेलवे स्टेशन की इमारत करीब 90 मीटर लंबी और 20 मीटर चौड़ी होगी। इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ एयरपोर्ट जैसी आकर्षक लुक देने की योजना है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन परिसर में 6 से 8 लिफ्ट लगाने का प्रावधान है, जबकि एस्केलेटर भी लगाए जाएंगे। नई इमारत की चौड़ाई मौजूदा भवन के मुकाबले अधिक रखी जाएगी, ताकि यात्रियों को प्रवेश और निकासी के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

PunjabKesari

वर्तमान समय में सिटी रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 25 से 30 हजार यात्रियों का आवागमन होता है और करीब 154 ट्रेनें यहां से गुजरती हैं। रेलवे द्वारा भविष्य में करीब 60 हजार यात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए नई इमारत तैयार की जा रही है। इससे आने वाले समय में यात्रियों की बढ़ती संख्या के बावजूद स्टेशन पर बेहतर व्यवस्था उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। नई इमारत की मुख्य एंट्री एस.बी.आई. ए.टी.एम. वाले स्थान से शुरू होगी और इसका क्षेत्र जी.आर.पी. थाने से आगे तक कवर किया जाएगा। प्रवेश द्वार के फ्रंट को आकर्षक रूप देने के साथ इसकी चौड़ाई भी अधिक रखी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य की शुरुआत में स्टेशन की मुख्य इमारत वाले हिस्से पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि यात्रियों को काम के दौरान कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

PunjabKesari

रेलवे अधिकारियों के अनुसार अभी परियोजना को पूरा करने की कोई निश्चित डैडलाइन निर्धारित नहीं की गई है। निर्माण कार्य में एक साल से अधिक समय लगने की संभावना है। फिलहाल पहले चरण में ऐसे हिस्से को हटाया जा रहा है, जिसका यात्रियों की आवाजाही से संबंध नहीं है। इसके बाद निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

वायरिंग हटाने के काम में लाई जा रही तेजी

पुरानी इमारत को गिराने से पहले सुरक्षा की दृष्टि से उससे जुड़ी वायरिंग हटाने का काम करवाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार जहां-जहां से वायरिंग हटती जाएगी, वहां की इमारत को गिराने का काम चलता रहेगा। इसी क्रम में सर्कुलेटिंग एरिया से आगे की इमारतों की वायरिंग भी हटवाई जा रही है, ताकि इमारत को गिराने के काम में विघ्न न पड़े। वायरिंग हटाने के बाद संबंधित हिस्सों को चरणबद्ध तरीके से खाली करवाकर तोड़ने का काम आगे बढ़ाया जाएगा। इससे निर्माण कार्य को निर्धारित क्रम के अनुसार जारी रखने में मदद मिलेगी।

फेल सीवरेज सिस्टम में होगा सुधार

रेलवे स्टेशन का सीवरेज सिस्टम लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है। बारिश के दौरान कई बार पटरियों पर पानी भरने से रेल परिचालन भी प्रभावित होता है। नए प्रोजैक्ट के तहत स्टेशन के सीवरेज सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा। इसके लिए नई पाइपें डाली जाएंगी तथा सीवरेज व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने की योजना है। इससे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!