Edited By Urmila,Updated: 02 Feb, 2026 03:56 PM

माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री एस. बिक्रम सिंह मजीठिया को जमानत दे दी है।
पंजाब डेस्क: माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री एस. बिक्रम सिंह मजीठिया को जमानत दे दी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता, एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि मजीठिया पर दर्ज मुकदमे झूठे और राजनीतिक रंजिश से प्रेरित थे।
शिरोमणि अकाली दल के अनुसार, बिक्रम मजीठिया पर आमदनी से अधिक संपत्ति और ड्रग्स से संबंधित झूठे मुकदमे आम आदमी पार्टी सरकार ने दर्ज किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास कोई ठोस सबूत नहीं थे और केवल राजनीतिक दबाव के कारण मामले दर्ज किए गए।
अकाली दल ने कहा कि अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि संविधान और न्यायपालिका की स्वतंत्रता के सामने सरकार की झूठी कार्रवाइयां टिक नहीं सकतीं। क्लेर ने बताया कि यह फैसला न्यायपालिका में संविधान की जीत और सच्चाई की जीत है। उन्होंने कहा कि ड्रग केस झूठा है जिस पर साढ़े चार साल चालान पेश नहीं हुआ। फिर आमदन से ज्यादा संपत्ति मामले में आप सरकार के पास कोई सबूत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की जवाबदेही तय करते हुए यह फैसला सुनाया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सबूत के बिना मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। बिक्रम मजीठिया के पक्ष में आए इस फैसले के बाद शिरोमणि अकाली दल ने इसे राजनीतिक रंजिश के खिलाफ न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि बिक्रम मजीठिया के खिलाफ इसलिए कार्रवाई की गई क्योंकि वह सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलते हैं। संविधान की एक बार फिर जीत हुई है। पंजाब सरकार को अदालत में मुंह की खानी पड़ी।
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