‘मेरी सारी तैयारी धरी रह गई’, सुखबीर बादल से नाराज अकाली नेता ने दिया इस्तीफा

Edited By Urmila,Updated: 09 Oct, 2026 02:03 PM

akali leader resigns

शिरोमणि अकाली दल को पंजाब में झटका लगा है। पार्टी की संसदीय मामलों की समिति के सदस्य और वरिष्ठ नेता गुरदीप सिंह मकरोड़ ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया है।

संगरूर: शिरोमणि अकाली दल को पंजाब में झटका लगा है। पार्टी की संसदीय मामलों की समिति के सदस्य और वरिष्ठ नेता गुरदीप सिंह मकरोड़ ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। मकरोड़ की नाराजगी की वजह सुखबीर सिंह बादल का उनके घर चाय पीने के लिए न पहुंचना बताया जा रहा है। मकरोड़ ने बादल के स्वागत के लिए घर में सफेदी करवाने से लेकर चाय, स्नैक्स और मिठाइयों तक का इंतजाम किया था, लेकिन ऐन मौके पर कार्यक्रम रद्द होने से वह बेहद आहत हो गए।

Akali leader

गुरदीप सिंह मकरोड़ लंबे समय से अकाली दल से जुड़े हुए हैं और उन्हें पार्टी के पुराने व वफादार नेताओं में गिना जाता है। वह संगरूर जिले के लहरागागा क्षेत्र के गांव मकरोड़ साहिब के रहने वाले हैं। यह मामला उस समय सामने आया, जब अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल 'पंजाब बचाओ रैली' के सिलसिले में लहरागागा पहुंचे थे।

बादल के आने की उम्मीद में घर पर की थी पूरी तैयारी

मकरोड़ के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल ने उनसे कई बार वादा किया था कि वह उनके घर चाय पीने आएंगे। इसी उम्मीद में उन्होंने घर पर खास तैयारियां की थीं। घर में सफेदी करवाई गई और चाय, स्नैक्स व मिठाइयों का इंतजाम किया गया। बादल को गुरुवार सुबह उनके घर पहुंचना था, लेकिन मकरोड़ को बुधवार देर रात पता चला कि वह नहीं आएंगे।

मकरोड़ ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी सारी तैयारी धरी रह गई। उनके अनुसार, बादल और उनकी टीम के स्वागत के लिए खरीदी गई मिठाइयों और स्नैक्स के लिए जुटाए गए सामान का भी कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने इस घटनाक्रम को अपने लिए बड़ा अपमान बताया।

पहले भी बचाई थी सुखबीर बादल की जान

गुरदीप सिंह मकरोड़ की नाराजगी इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि वह उस समय सुखबीर सिंह बादल के साथ खड़े रहे थे, जब स्वर्ण मंदिर में बादल पर जानलेवा हमला हुआ था। मकरोड़ ने अपने नेता की जान बचाने के लिए खुद की जान जोखिम में डाल दी थी। उनके मुताबिक, इस घटना के बाद सुखबीर बादल और अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने उनकी तारीफ भी की थी। मकरोड़ ने बताया कि 6 जनवरी, 2025 को मुक्तसर में उनकी सुखबीर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात हुई थी। इसके बाद 13 मई, 2025 को वह दोबारा अकाली दल में शामिल हो गए थे।

पार्टी में अनदेखी से भी थे नाराज

मकरोड़ ने बताया कि उन्हें इस बात से भी परेशानी नहीं थी कि लहरागागा विधानसभा सीट का इंचार्ज किसी अन्य व्यक्ति को बना दिया गया। लेकिन उनके मुताबिक, पार्टी नेतृत्व की ओर से लगातार अनदेखी और अब घर आने का कार्यक्रम रद्द होने से उनका सब्र जवाब दे गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी नहीं होगी, तो कार्यकर्ताओं से पार्टी के साथ खड़े रहने की उम्मीद कैसे की जा सकती है? मकरोड़ ने स्पष्ट किया कि वह अकाली दल के सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं और फिलहाल किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने का उनका इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब वह घर पर ही रहेंगे।

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