लिफ्टिंग न होने से खुले में पड़ा पीला सोना

Edited By Sunita sarangal,Updated: 13 Oct, 2019 10:02 AM

yellow gold lying in the open due to lack of lifting

दाना मंडी नवांशहर में अढ़ाई लाख धान की बोरियों के लगे हैं अंबार

नवांशहर(मनोरंजन): पंजाब सरकार की नए शैलर नीति के विरोध में शैलर मालिकों की हड़ताल के कारण मंडियों में धान (पीला सोना) की लिफ्टिंग नहीं हो रही है। ऐसे में मंडियों में धान की बोरियों के अंबार लग गए हैं। अकेले नवांशहर दाना मंडी में इस समय अढ़ाई लाख के करीब धान की बोरियां लिफ्टिंग के लिए पड़ी हुई हैं। मंडी में जगह-जगह धान की फसल पड़ी होने के कारण अब अन्य किसानों को मंडी में धान उतारने के लिए जगह नहीं मिल रही है। 1 अक्तूबर से पंजाब में धान की सरकारी खरीद शुरू होने के बाद किसी भी मंडी से धान की लिफ्टिंग नहीं हुई है। 

दाना मंडी नवांशहर में पहुंचे किसानों दविंद्र सिंह, संतोख सिंह, जगदीप सिंह, बलिहार सिंह, निशान सिंह, बलवीर सिंह ने कहा कि धान की लिफ्टिंग न होने के कारण मंडी में धान उतारने के लिए जगह नहीं बची है। ऐसे में मंडी में थोड़ा-आगे पीछे माल की ढेरी लगाने पर उन्हें उसकी रखवाली करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि जिस तरह मौसम हर रोज करवट ले रहा है, ऐसे में बारिश होने पर खुले आसमान में पड़ी उनकी फसल खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि 1-2 दिन में धान की लिफ्टिंग न हुई तो आने वाले दिनों में मंडियों में परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह किसानों को पेश आ रही समस्या का तुरंत समाधान करे। 

शैलर मालिक 15 तक हड़ताल पर
शैलर मालिकों व डी.सी. के बीच हुई बैठक में भी हड़ताल को लेकर कोई हल नहीं निकल सका। शैलर मालिकों ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि वे 15 अक्तूबर तक हड़ताल पर रहेंगे। उस दिन कोटकपूरा में आम इजलास में अगली रणनीति तैयार की जाएगी। हालांकि सरकार ने शैलर मालिकों की कुछ मांगों को मान लिया है, लेकिन शैलर मालिक अपनी सभी मांगों मनवाने पर अड़े हुए हैं।  

आढ़ती व लेबर भी परेशान
दाना मंडी में धान की लिफ्टिंग न होने के कारण आढ़ती भी खासे परेशान हैं। उन्हें भी धान संभालने में काफी दिक्कत हो रही है। उनका कहना है कि इतना लंबा समय धान मंडी में पड़ा रहने के कारण उन्हें शार्टेज खुद की जेब से देनी पड़ेगी। लेबर को भी मंडियों में लगी धान की बोरियों को धांक में लगाने में काफी दिक्कत हो रही है। खरीद की अभी कोई पेमैंट न आने के कारण सभी लोग परेशान हैं। 

14 हजार क्विंटल धान की हो चुकी है खरीद
नवांशहर मंडी अधिकारी गुरनाम लाल ने बताया कि शनिवार तक नवांशहर मंडी में करीब 14 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। इस धान को पनग्रेन, मार्कफैड, वेयरहाऊस व पनसप ने खरीदा है। इसके अलावा 900 क्विंटल के करीब एफ.सी.आई. ने भी धान खरीदा है। उन्होंने बताया कि नवांशहर मंडी में इस समय लिफ्टिंग के लिए करीब 90 हजार क्विंटल (अढ़ाई लाख बोरियां) धान पड़ा है। 

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