आज भी लड़कियां कूड़ा-कर्कट उठाकर पेट भरने के लिए मजबूर

Edited By Mohit,Updated: 15 Jul, 2019 06:56 PM

phagwara hindi news

आज भले ही पंजाब के साथ साथ पूरे देश में लड़कियों को लड़कों के बराबर समानता के अधिकार, शिक्षा व अन्य सुविधाएं देने के लिए समय समय की सरकारों ने कितनी योजनाएं बनाई, परंतु आज भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।

फगवाड़ा (आर.डी. रामा): आज भले ही पंजाब के साथ साथ पूरे देश में लड़कियों को लड़कों के बराबर समानता के अधिकार, शिक्षा व अन्य सुविधाएं देने के लिए समय समय की सरकारों ने कितनी योजनाएं बनाई, परंतु आज भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। 

हमारे समाज में वही बेटी शिक्षित हो कर अपने पैरो पर खड़ी हो रही है, जो आर्थिक तौर पर मजबूत है, परंतु इस सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि हमारे समाज में रहते गरीब घरों की लड़कियों को एक वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो पाती, तो फिर लड़कियों को शिक्षित करके उनको सफल बनाना तो दूर की बात है। आज भी भले ही हम आते-जाते अपनी जीवनशैली से बाहर निकल कर देखे, तो गरीब परिवार की लड़कियां कूड़ा-कर्कट उठा कर अपने परिवार के मैंबरों का पेट भरने के लिए मजबूर है। गत बादल सरकार की ओर से नन्हीं छां और अन्य कई प्रकार की योजनाएं बनाई गई, परंतु यह योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह गई है। 

इन गरीब लोगों को तो पढ़ना भी नहीं आता, फिर कैसे उनको कौन जानकारी देगा। सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों के घर अपने नुमायदें भेज कर उनको मिलने वाली सुविधाओं से अवगत करवाए और ऐसे परिवार की बेटियों को शिक्षा प्रदान करके अपने पैरो पर खड़े होने के काबिल करे। इसके साथ साथ जो समाज भलाई संस्थाएं है, उनको आगे आ कर इनका हाथ पकड़ना चाहिए, ताकि यह लड़कियां आगे चल कर अपने जीवन स्तर में अहम भूमिका निभा पाए, फिर भी कहीं कंजक पूजन का धार्मिक महत्व अपने असल रुप में आ पाएगा।

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