‘मिसेज नार्थ इंडिया’ रह चुकी महिला ने शादी के 22 साल बाद ससुरालियों के खिलाफ खोला मोर्चा

Edited By Sunita sarangal,Updated: 20 Sep, 2019 11:17 AM

dowry case

यह मामला कंवलजीत सिंह (सरदार हट्टी) के परिवार से जुड़ा है। ऊंचा नाम व रसूख सब कुछ है परिवार के पास। बेटे परमिंदर सिंह की शादी 1996 में लुधियाना के ‘बसंत परिवार’ (बसंत आइसक्रीम वाले) में हुई थी।

अमृतसर(सफर):  यह मामला कंवलजीत सिंह (सरदार हट्टी) के परिवार से जुड़ा है। ऊंचा नाम व रसूख सब कुछ है परिवार के पास। बेटे परमिंदर सिंह की शादी 1996 में लुधियाना के ‘बसंत परिवार’ (बसंत आइसक्रीम वाले) में हुई थी। बसंत परिवार से डोली में विदा होकर ससुराल आई गुरप्रीत कौर उर्फ शैली ने शादी के 22 बसंत देखने के बाद अब ससुरालियों के खिलाफ मोर्चा खोला है। उसके सिर ‘मिंसेज नार्थ इंडिया’ का खिताब सज चुका है। अदालत ने जहां बच्चों की पढ़ाई व अन्य खर्चे के लिए 50 हजार रुपए प्रति माह देने का आदेश सुनाया है, वहीं पति व ससुर को सम्मन जारी कर 19 अक्टूबर को तलब किया है।

बाप का फर्ज है बच्चों को पढ़ाना
गुरप्रीत कौर उर्फ शैली ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी 2 बेटियां व 1 बेटा है। 1 बेटी लॉ की पढ़ाई कर चुकी है। बाकी बच्चे छोटे हैं। बच्चों की परवरिश कई सालों से वही कर रही है। ससुर व पति बच्चों के कैरियर पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मैं बेकरी चला बच्चों की परवरिश करती हूं। इस पर जज गौरव गुप्ता ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फस्र्ट क्लास ने उसके पति परमिंदर सिंह को प्रति माह 50 हजार रुपए देने का आदेश जारी करते कहा कि बाप का फर्ज बनता है बच्चों को पढ़ाना, इससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। ये मामला 2017 से कोर्ट में था। वहीं जज राजन अनेजा ने 7 सितंबर को पति परमिंदर सिंह व ससुर कंवलजीत सिंह को सम्मन जारी कर क्रिमिनल केस की धारा 406 व 498 ए के तहत 19 अक्टूबर को तलब किया है। 

22-23 साल बाद दहेज कौन मांगता है
इस मामले में सरदार हट्टी के मालिक कंवलजीत सिंह ने कहा कि शादी के 22-23 साल बाद दहेज मांगने का आरोप कहां तक सही है। बेटी लॉ की पढ़ाई कर रही है और बच्चे पढ़ रहे हैं। बहू ने कई केस कर रखे हैं। सभी आरोप बेबुनियाद हैं। अदालत का फैसला सर्वोपरि है। सम्मन अभी मिला नहीं है, मिलने पर जवाब देंगे। बस रब बहू को सही बुद्धि दे, हम सभी तो समझाकर थक चुके हैं।

बहू व उसके बच्चे कोठी में रहेंगे
कैनेडी एवेन्यू की कोठी नंबर 80 के मालिक कंवलजीत सिंह ने डिप्टी कमिश्नर शिवदुलार सिंह को शिकायत की थी उनकी कोठी से बहू-बेटा और उनके 2 बच्चों को बाहर निकाला जाए। इस अपील को खारिज करते हुए डी.सी ने 24 जुलाई को आदेश दिया था कि जांच में पता चला है कि कंवलजीत सिंह ने बहू व उसके दोनों बच्चों के कोठी से निकालने को शिकायत दी थी जो बाप-बेटे की साजिश थी। ऐसे में कोठी में बहू और उसके दोनों बच्चे रहेंगे।

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