तालाब में तैरता गैस सिलेंडर देख पानी में उतरा युवक, पता नहीं था यूं खींच ले जाएगी मौ/त

Edited By Urmila,Updated: 06 Sep, 2026 03:12 PM

young man meets with an accident while trying to retrieve a floating cylinder

बरनाला के विधानसभा हलका भदौड़ के गांव कालेके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। गांव के तालाब में डूबने से 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई।

बरनाला (पुनीत) : बरनाला के विधानसभा हलका भदौड़ के गांव कालेके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। गांव के तालाब में डूबने से 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव कालेके निवासी गरीब परिवार से संबंधित हरदीप सिंह पुत्र काला सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हरदीप सिंह अपने चाचा के साथ काम पर जा रहा था। इसी दौरान गांव के तालाब में तैरता हुआ गैस सिलेंडर दिखाई देने पर वह उसे बाहर निकालने के लिए तालाब में उतर गया।

तालाब में उतरने के बाद हरदीप सिंह अचानक दलदल में फंस गया और देखते ही देखते पानी में डूब गया। उसके चाचा ने उसे बाहर आने के लिए काफी आवाजें लगाईं और बचाने की कोशिश की, लेकिन हरदीप का कोई पता नहीं चल सका। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है,

3 घंटे तक प्रशासनिक टीम के नहीं पहुंचने पर परिवार ने उठाए सवाल 

हादसे के बाद बड़ी संख्या में गांववासी मौके पर इकट्ठा हो गए। गांव के लोगों, पंचायत और युवाओं ने अपने स्तर पर रस्सियों और ट्रैक्टरों की मदद से हरदीप सिंह को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। परिवार का आरोप है कि सुबह करीब 8:30 बजे हादसा होने के बावजूद तीन घंटे से ज्यादा समय तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

परिजनों ने कहा कि गांव के तालाब के आसपास सुरक्षा के लिए कोई चारदीवारी नहीं है और न ही तालाब में किसी तरह के सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर समय रहते प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचती तो शायद हरदीप को बचाने की कोशिश और प्रभावी ढंग से की जा सकती थी।

निजी रेस्क्यू टीम ने करीब आधे घंटे में बाहर निकाला शव

प्रशासनिक मदद का इंतजार करते हुए गांववासियों ने अपने स्तर पर निजी तौर पर बंटी सिंह की रेस्क्यू टीम को गांव में बुलाया। रेस्क्यू टीम करीब 11 बजे गांव पहुंची और अपने साथियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद हरदीप सिंह का शव तालाब से बाहर निकाल लिया। हरदीप सिंह की माता का पहले ही निधन हो चुका है। अब वह अपने पिता काला सिंह और भाई कुलदीप सिंह के साथ घर में रह रहा था और दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।

वहीं लोक जनशक्ति पार्टी के एससी मोर्चा पंजाब के प्रधान सुखविंदर सिंह कालेके ने भी प्रशासनिक ढिलाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद कई घंटे बीत जाने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जो बड़ी लापरवाही है।

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