पंजाब में बिजली उत्पादन पर फिर चिंता, लेहरा मोहब्बत थर्मल की 3 यूनिट बंद

Edited By Urmila,Updated: 28 Aug, 2026 05:38 PM

three units of lehra mohabbat thermal power plant shut down

बठिंडा जिले के गांव लेहरा मोहब्बत स्थित गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट (जीएचटीपी) की चार में से तीन यूनिट पिछले करीब 15 दिनों से बंद पड़ी हैं।

बठिंडा (विजय वर्मा) : बठिंडा जिले के गांव लेहरा मोहब्बत स्थित गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट (जीएचटीपी) की चार में से तीन यूनिट पिछले करीब 15 दिनों से बंद पड़ी हैं। फिलहाल प्लांट की केवल एक यूनिट ही चालू है, जिससे करीब 167 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। 920 मेगावाट क्षमता वाले इस थर्मल प्लांट की तीन यूनिट लंबे समय से बंद रहने के कारण बिजली उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ गई है।

गौरतलब है कि जून माह में भी जीएचटीपी की चारों यूनिट बंद हो गई थीं। इसके बाद राज्य में बिजली उत्पादन और आपूर्ति को लेकर सवाल खड़े हुए थे। अब एक बार फिर तीन यूनिटों के लंबे समय से बंद रहने से हालात चिंताजनक बने हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, प्लांट में बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण प्लांट के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए हैं। यूनियन नेता जगसीर सिंह भंगू ने बताया कि करीब 1,800 मजदूर हड़ताल पर चले गए थे, जिसका थर्मल प्लांट के कामकाज पर गंभीर असर पड़ा।

भंगू ने कहा कि कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उनकी सेवाएं ठेकेदार के माध्यम से आउटसोर्स आधार पर लेने के बजाय पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के माध्यम से सीधे ली जाएं। उन्होंने बताया कि उनकी यूनियन में करीब 700 सदस्य हैं और यूनियन द्वारा हड़ताल वापस लिए जाने के बाद कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आए हैं। हालांकि, उनके अनुसार फ्लाई ऐश इकट्ठा करने और कोयला उतारने जैसे महत्वपूर्ण कार्य अभी भी प्रभावित हैं। इससे प्लांट के सामान्य संचालन पर असर पड़ रहा है। जीएचटीपी के चीफ इंजीनियर सत प्रकाश सिंह ने बताया कि तीन यूनिटें तकनीकी समस्याओं और मजदूरों की हड़ताल के कारण बंद रही हैं।

तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के बाहर भी धरना

उधर, मानसा जिले के बनावाला गांव स्थित 1,980 मेगावाट क्षमता वाले तलवंडी साबो पावर लिमिटेड थर्मल प्लांट के बाहर भी मजदूरों ने किसानों के समर्थन से गुरुवार को अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी मजदूरों की मांग है कि उनके न्यूनतम वेतन में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए। मजदूरों ने मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी है। एक ओर लेहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट की तीन यूनिटों के लंबे समय से बंद रहने और दूसरी ओर तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के बाहर मजदूरों के आंदोलन से पंजाब में बिजली उत्पादन से जुड़े मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।

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