माधोपुर बैरियर से नहीं इस रास्ते से गुजरे थे आतंकी,चप्पे-चप्पे  से थे वाकिफ

Edited By swetha,Updated: 14 Sep, 2019 12:37 PM

the terrorists had passed through this path not from the madhopur barrier

सुरक्षा एजैंसियों ने पठानकोट में जमाया डेरा

पठानकोटः सुरक्षा बलों द्वारा पंजाब-जम्मू कश्मीर सीमा के पास हथियारों सहित 3 आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें पठानकोट पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आतंकी ट्रक लेकर माधोपुर बैरियर से नहीं गुजरे थे। उन्होंने  दीनानगर से बमियाल के संपर्क मार्गों को चुना था। इसका मुख्य कारण अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे होने के कारण सड़कों की हालत बदतर होने के कारण कोई आने-जाने वाले वाहनों पर ध्यान नहीं देता।  इसी वजह से इन रास्तों पर रूटीन जांच नहीं होती। 

सुरक्षा एजैंसियों ने पठानकोट में जमाया डेरा
पठानकोट में पुलिस के आला अधिकारियों सहित आई.बी., सेना की सुरक्षा एजैंसियों ने डेरा जमाया हुआ है। डी.जी.पी. दफ्तर की ओर से निर्देश के बाद यह भी जांच की जा रही है कि पठानकोट पुलिस से किस स्तर पर चूक हुई है। मामले की तफ्तीश के लिए जम्मू-कश्मीर के कठुआ की दो टीमें भी पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर में जांच में जुटी हैं।  संभावना जताई जा रही है कि वह इलाके से अच्छी तरह वाकिफ थे। उन्हें पता था कि सीमा पर कौन-कौन से संपर्क मार्गों पर पुलिस का नाका और सी.सी.टी.वी. कैमरा नहीं होगा।

पठानकोट से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने के 4 संपर्क मार्ग
आपको बता दें कि दीनानगर-तारागढ़-बमियाल-नरोट जैमल सिंह से होकर जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने के 4 संपर्क मार्ग हैं। स्थानीय लोग इन रास्तों का प्रयोग करते हैं। पठानकोट पुलिस को अब तक सिर्फ इतना पता है कि आतंकी माधोपुर नाके से नहीं गुजरे। दीनानगर से बमियाल होते हुए आतंकियों ने किस रूट को चुना इसकी सही जानकारी पठानकोट पुलिस को इतना समय बीत जाने के बाद भी नहीं है। गौरतलब है कि जनवरी 2016 में एयरफोर्स स्टेशन पर हमले से पहले भी आतंकियों ने दीनानगर और बमियाल सेक्टर के रास्तों को ही चुना था।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!