Edited By Subhash Kapoor,Updated: 07 Apr, 2026 09:09 PM

पिछले कुछ दिनों से लगातार खराब हो रहे मौसम और रुक-रुक कर हो रही बेमौसमी बारिश ने खेतों में बेटों की तरह पालकर तैयार की गई गेहूं की फसल को लेकर किसानों की नींद हराम कर दी है। पकने की कगार पर खड़ी फसल पर कुदरत की मार पड़ने के कारण इलाके के किसानों में...
हाजीपुर (जोशी): पिछले कुछ दिनों से लगातार खराब हो रहे मौसम और रुक-रुक कर हो रही बेमौसमी बारिश ने खेतों में बेटों की तरह पालकर तैयार की गई गेहूं की फसल को लेकर किसानों की नींद हराम कर दी है। पकने की कगार पर खड़ी फसल पर कुदरत की मार पड़ने के कारण इलाके के किसानों में भारी चिंता पाई जा रही है।
बोनस की मांग करते हुए बखशीश सिंह गेरा, बोध सिंह, रूप लाल, वरिंदर कुमार बब्बू, कुलदीप सिंह, देव राज, कर्ण सिंह, निर्मल सिंह, कलेर सिंह आनन्द सिंह, तीर्थ राम तथा जनक राज किसानों ने बताया कि दिन-रात की मेहनत और महंगी खादों-बीजों का उपयोग करके तैयार की गई फसल अब कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कई जगहों पर गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे दाने खराब होने के कारण पैदावार (झाड़) घटने का डर बना हुआ है।
किसानों ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार से गुहार लगाते हुए मांग की है कि मौसम की मार के कारण हो रहे आर्थिक नुकसान को मुख्य रखते हुए किसानों को तुरंत राहत दी जाए। उन्होंने मांग की कि सरकार द्वारा गेहूं की खरीद पर विशेष बोनस का ऐलान किया जाए ताकि किसानों पर चढ़े कर्ज और अतिरिक्त खर्चों का बोझ कम हो सके।
किसानों के अनुसार यदि सरकार ने जल्द आढ़तियों के साथ बातचीत करके कोई सार्थक कदम नहीं उठाया, तो किसानों द्वारा घरों में खड़ी की गई ट्रालियों में दाने खराब हो जाएंगे, जिससे किसानों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।