Edited By Kalash,Updated: 17 Feb, 2026 02:57 PM

कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने मोगा में हुई सरकार की 'युद्ध नशे विरुद्ध' रैली को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पंजाब डेस्क : कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने मोगा में हुई सरकार की 'युद्ध नशे विरुद्ध' रैली को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खैहरा ने इस रैली को एक "फ्लॉप शो" बताते हुए कहा कि सरकार ने इस इकट्ठ को कामयाब करने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है।
सुखपाल खैहरा ने कहा कि इस रैली के लिए पूरे पंजाब से 2000 से 3000 सरकारी बसों का प्रबंध किया गया था और डी.सी., बी.डी.पी.ओ. और पटवारियेम जैसे अधिकारियों को भीड़ इकट्ठी करने के लिए लगाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के सैंकड़ों रुपये इस रैली पर खर्च किया गया और रैली के टेंट, साउंड और अन्य सामान का ठेका भी दिल्ली की कंपनियों को दिया गया ताकि कमीशन खाया जा सके।
मुख्यमंत्री की 'नैतिकता' पर सवाल
सुखपाल सिंह खैहरा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निजी हमला करते हुए उन्हें "कंपल्सिव अल्कोहोलिक'' (शराब का आदी) बताया। उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री खुद नशे के प्रभाव में रहता हो वह लोगों को नशे के खिलाफ कसम कैसे दिलवा सकता है। खैहरा ने चुनौती दी कि अगर भगवंत मान शराब नहीं पीते हैं, तो वह जनतक तौर पर वीडियो के जरिए इसका ऐलान करें।
इसके साथ ही डी.जी.पी. और चीफ सेक्रेटरी की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संविधान की कसम खाने वाले अफसरों का एक सियासी पार्टी के झंडे वाले मंच पर बोलना संविधान का अपमान है। इसके अलावा उन्होंने मोहाली में एक पंजाबी युवक की हत्या का हवाला देते हुए मांग की है कि हिमाचल और उत्तराखंड की तर्ज पर पंजाब में भी बारही लोगों के नौकरियां लेने और जमीन खरीदने पर पाबंदी वाला कानून पास किया जाए। खैहरा ने दावा किया कि रैली के दौरान जब मुख्यमंत्री और केजरीवाल बोल रहे थे, तो कुर्सियां खाली हो गईं थी और लोग चले गए थे। उनके मुताबिक लोग अब इस सरकार के "फ्रॉड" प्रोग्राम को समझ गए हैं।
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