Edited By Kalash,Updated: 15 Aug, 2026 10:03 AM

खमाणों के पास गांव रामगढ़ में आवारा कुत्तों द्वारा किए गए हमले में बारा सिंह (70) पुत्र ईशर सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद गांव वालों में डर का माहौल है और लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का पक्का हल निकालने की मांग की है।
खमाणों (जटाना): खमाणों के पास गांव रामगढ़ में आवारा कुत्तों द्वारा किए गए हमले में बारा सिंह (70) पुत्र ईशर सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद गांव वालों में डर का माहौल है और लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का पक्का हल निकालने की मांग की है। गांव के सरपंच नवजीत सिंह के मुताबिक बारा सिंह बीती रात करीब 9 बजे गांव की दुकान से सामान खरीदने गए थे। इस दौरान सुनसान गली में 5-7 कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया। हमले के कारण वह जमीन पर गिर गए और कुत्तों ने उन्हें बुरी तरह नोच लिया। उनकी ज्यादा उम्र होने की वजह से मदद के लिए उनकी आवाज कोई नहीं सुन सका। करीब एक घंटे बाद उनके भतीजे सुखविंदर सिंह काका वहां से गुजरे और घटना देखकर शोर मचाया। जब तक लोग पहुंचे, बारा सिंह की मौत हो चुकी थी।
घटना की खबर फैलने के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया। परिवारों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, वहीं बुजुर्ग भी अकेले घर से बाहर निकलने से कतराने लगे हैं। सरपंच नवजीत सिंह ने कहा कि इलाके में कुत्तों के झुंड देखे जा सकते हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए तुरंत कदम उठाए और इस समस्या का स्थायी समाधान करें। शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के तहसील खमाणों के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गग्गरवाल ने आरोप लगाया कि वे पिछले दो साल से प्रशासन को इस समस्या के बारे में बता रहे हैं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय पहले ही असरदार कदम उठाने चाहिए।
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