Ludhiana के इस गांव से जुड़ी है धर्मेंद्र की कुछ खास यादें, बतौर मेहमान रहता था परिवार...

Edited By Kamini,Updated: 27 Nov, 2025 01:22 PM

some special memories of dharmendra in ludhiana

दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र के पैतृक घर से जुड़ी खास जानकारी सामने आई है।

पंजाब डेस्क : दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र के पैतृक घर से जुड़ी खास जानकारी सामने आई है। लुधियाना जिले के गांव नसराली में स्थित वह पुराना मकान, जिसमें दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र का जन्म हुआ था, आज भले ही जर्जर हालत में खड़ा है, लेकिन ग्रामीणों की यादों में वह घर अब भी उतना ही जीवंत है। मकान को देखते ही ग्रामीणों को अपने गांव में जन्मे इस सुपरस्टार की यादें ताज़ा हो जाती हैं।

बता दें कि, धर्मेंद्र के पिता केवल किशन सिंह देओल नसराली के सरकारी स्कूल में शिक्षक थे। गांव के लोग उन्हें स्नेह से “मास्टर जी” कहकर बुलाते थे। ग्रामीण बताते हैं कि उस समय मास्टर जी के परिवार को पूरा गांव मान-सम्मान के साथ मेहमान की तरह रखता था। गांव के रिटायर्ड शिक्षक जसवंत सिंह याद करते हैं कि जिस मकान में धर्मेंद्र का जन्म हुआ, उसके मालिक पंडित विजय कुमार ने मास्टर जी से कभी किराया नहीं लिया। मास्टर जी की पहली पोस्टिंग यही थी और उन्होंने करीब 2 वर्ष तक गांव में सेवा की। इसी दौरान 8 दिसंबर 1935 को धर्मेंद्र का जन्म इस मकान में हुआ।

जसवंत सिंह बताते हैं कि पंडित विजय कुमार और केवल किशन सिंह देओल दोनों ही शिक्षा विभाग में कार्यरत थे। उस दौर में शिक्षकों को अत्यधिक सम्मान दिया जाता था। पंडित विजय कुमार ने कभी किराया न लेने की वजह बताते हुए कहा था कि “गांव के मेहमानों से किराया नहीं लिया जाता।” पंडित विजय कुमार शिक्षा विभाग में सुपरिंटेंडेंट रहे और रिटायरमेंट के बाद चंडीगढ़ में बस गए। वे धर्मेंद्र के परिवार से निरंतर संपर्क में रहते थे। सक्षम होने के बावजूद उन्होंने इस पुराने घर को कभी नहीं तुड़वाया।

कई बार ग्रामीणों ने उन्हें मकान को नए सिरे से बनवाने का सुझाव दिया, लेकिन वे हर बार यही कहते हैं कि, “इस घर में धर्मेंद्र जैसे महान कलाकार का जन्म हुआ है, इसे तोड़ना सही नहीं होगा।” समय के साथ पंडित विजय कुमार और उनका परिवार गांव आना कम कर दिया। उम्र बढ़ने के चलते अंततः उन्होंने आना लगभग बंद कर दिया, और यह घर बरसों से बिना किसी देखभाल के खड़ा है, लेकिन ग्रामीणों के लिए आज भी यह गर्व का प्रतीक है। मिली जानकारी के मुताबिक, नसराली में 2 साल रहने के बाद धर्मेंद्र के पिता केवल किशन  का ट्रांसफर साहनेवाल हो गया था। जिसके चलते उनका परिवार साहनेवाला में रहना लगा। धर्मेंद्र ने साहनेवाल के स्कूल में पढ़ाई की। यहां पर उनके दोस्त रविंदरपाल जोशी उनके साथ पढ़ते थे। बताया जा रहा है कि रविंदरपाल जोशी के पिता एक फार्मासिस्ट थे जिनका धर्मेंद्र के पिता किशन के साथ गहरी दोस्ती थी। 

फिल्म देखने पर हुई थी पिटाई

मिली जानकारी के अनुसार एक बार धर्मेंद्र और उनके साथी रविंदरपाल स्कूल से भागर लुधियाना में फिल्म देखने के लिए चले गए। इसी बीच धर्मेंद्र के पिता केवल किशन इसकी सूचना मिल गई। जिसके बाद वह उनके पीछे वहीं सीनमा में पहुंच गए और वहीं पर पकड़ कर उनकी खूब पिटाई की। 

ऐसे बदली जिन्दगी

रविंदरपाल जोशी बताते हैं कि एक बार किसी बात पर नाराज होकर धर्मेंद्र के पिता ने उन्हें गुस्से में घर से बाहर निकाल दिया था जिसके बाद ट्रंक उठाकर उनके घर पर आ गए थे। इसके बाद उनकी जिन्दगी में बड़ी मोड़ आया। धर्मेंद्र ने नौकरी करना शुरू कर दिया। पिता की कड़ाई और परिस्थितियों की मुश्किलों के बावजूद उनके भीतर फिल्मों के प्रति जुनून कम नहीं हुआ। आगे चलकर धर्मेंद्र सिनेमा जगत का सुपरस्टार बन गए।

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