Edited By Vatika,Updated: 18 Jul, 2026 11:29 AM

गुडमंडी के युवक के जुए के सिंडिकेट के साथ-साथ शहर के दूसरे छोर पर भी जुए और बुक का एक अन्य बड़ा
लुधियाना, (राज) : गुडमंडी के युवक के जुए के सिंडिकेट के साथ-साथ शहर के दूसरे छोर पर भी जुए और बुक का एक अन्य बड़ा एवं खतरनाक समानांतर सिंडिकेट काम कर रहा है। यह दूसरा बड़ा ग्रुप काकोवाल रोड की एक वीआईपी कॉलोनी में स्थित एक आलीशान कोठी के भीतर बड़े स्तर पर जुआ और सट्टे का रैकेट चला रहा है। इस कोठी को ऑपरेट करने वाले मुख्य युवक ने हाल ही में संपन्न हुए आई.पी.एल. क्रिकेट मैचों में देशव्यापी सट्टा बाजार के जरिए करोड़ों रुपये की बड़ी रकम जीती थी। इस युवक का नेटवर्क इतना तगड़ा है कि इसके तार सीधे सरहद पार और बड़े सट्टा बाजारों से जुड़े हुए हैं। कुछ ही वर्षाे में कालोनी में उसने कई प्लाट खरीद लिए, जोकि करोडा़े की कीमत के बताए जा रहे है। वह यह सारा काम एक नामी गैंगस्टर के सरक्षण में चला रहा है।
एडसीपी रैंक के अफसर ने बुलाया था दफ्तर, सफेदपोशों ने फोन करवा कर बचाया
पिछले दिनों इस आईपीएल सट्टा किंग की भनक लगते ही पुलिस कमिश्नरेट के एक एडीसीपी रैंक के अधिकारी ने शक के आधार पर उसे अपने दफ्तर तलब भी किया था और गहन पूछताछ की थी। लेकिन बेहद शातिर होने के कारण इस सटोरिए ने अपने सारे डिजिटल रिकॉर्ड पहले ही डिलीट कर दिए थे। कोई ठोस और पुख्ता सबूत हाथ न लगने के कारण अधिकारी उस समय कार्रवाई नहीं कर पाए। सूत्र बताते हैं कि जब एडीसीपी का शिकंजा कसने लगा, तो इस युवक ने अपने साथी गैंगस्टर के जरिए राजनीतिक गलियारों में बैठे अपने आकाओं और रसूखदार सफेदपोश से सीधे पुलिस अधिकारियों को फोन करवा दिए, जिसके दबाव में आकर खाकी को कदम पीछे खींचने पड़े और वह खुद को साफ बचा ले गया।
अगर खुला सिस्टम, तो रडार पर आएंगे कई बड़े सफेदपोश चेहरे
काकोवाल रोड वाले सटोरिए को लेकर सबसे बड़ा और खौफनाक खुलासा यह हुआ है कि इस युवक के साथ शहर का एक अन्य बड़ा पार्टनर भी शामिल है और इस पूरे सिंडिकेट को बाहर सक्रिय नामी गैंगस्टरों का सीधा संरक्षण प्राप्त है। गैंगस्टरों के नाम पर ही यह बाजार में सट्टे की उगाही और लेन-देन का सेटलमेंट करवाता है। सूत्रों का कहना है कि अगर लुधियाना पुलिस बिना किसी राजनीतिक दबाव के इन दोनों ग्रुप्स के लैपटॉप, मोबाइल फोन और वाट्सएप चैट का डिजिटल सिस्टम व बैंक खाते खंगाले, तो शहर के कई नामी कारोबारी, रसूखदार और सफेदपोश लोग सीधे पुलिस के रडार पर आ सकते हैं, जिन्होंने इस अवैध धंधे में अपनी काली कमाई इनवेस्ट की हुई है। अब देखना यह होगा कि पंजाब केसरी के इस दूसरे बड़े खुलासे के बाद पुलिस इन सटोरियों और उनके मददगारों पर अपना हंटर चलाते हैं या नहीं।