Edited By Vatika,Updated: 07 Sep, 2026 12:25 PM

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले माहौल बिगाडऩे की साजिश रच रहे अलगाववादी और असामाजिक
लुधियाना (राज): पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले माहौल बिगाडऩे की साजिश रच रहे अलगाववादी और असामाजिक तत्वों की सक्रियता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग से मिले इनपुट्स के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने लुधियाना के कई प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारतीय जनता पार्टी और हिंदू संगठनों के नेताओं को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस के आला अधिकारियों ने खुद इन नेताओं से संपर्क साधा है और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें अकेले या बिना सुरक्षा घेरे के किसी भी भीड़भाड़ वाले इलाके में जाने से परहेज करने को कहा है। हालांकि, पुलिस अधिकारी इसे एक रूटीन एक्सरसाइज बता रही है।
इन प्रमुख नेताओं को जारी किया गया अलर्ट
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन नेताओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, उनमें आरएसएस के वरिष्ठ नेता यश गिरी, पंजाब भाजपा के कोषाध्यक्ष व वरिष्ठ नेता गुरदेव शर्मा देबी, महेश दत्त शर्मा, शिवसेना पंजाब के राष्ट्रीय चेयरमैन राजीव टंडन, शिवसेना नेता गोरा थापर, हिंदू नेता भानू प्रताप सिंह सहित कई अन्य प्रमुख चेहरे शामिल हैं। उच्चाधिकारियों के आदेश पर संबंधित इलाका थाना प्रभारियों ने इन नेताओं के घरों पर पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। शिवसेना नेता गोरा थापर के आवास पर थाना डिवीजन नंबर 4 के एसएचओ ने खुद जाकर चेकिंग की और वहां तैनात सुरक्षा दस्ते से बात कर रात के समय भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
पुलिस कमिश्नर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, गनमैनों को सख्त हिदायत
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर द्वारा उच्चाधिकारियों के साथ की गई विशेष वीडियो ग्रुप कॉलिंग में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा में तैनात किसी भी पुलिस मुलाजिम को अपने संबंधित नेता को अकेले छोडऩे की सख्त मनाही की गई है। सुरक्षा कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति या सूचना के न तो ड्यूटी से हटेंगे और न ही छुट्टी करेंगे। आदेशों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल विभागीय व कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
काफी समय बाद पुलिस के फोन आए और घर पर चेकिंग हुई : राजीव टंडन
शिवसेना पंजाब के राष्ट्रीय चेयरमैन राजीव टंडन ने बताया कि धमकियां मिलना तो उनके लिए आम बात रही है, लेकिन काफी लंबे समय बाद ऐसा हुआ है कि पुलिस अधिकारियों के खुद फोन आए हैं और घर पर आकर बाकायदा चेकिंग की गई है। पुलिस ने सुरक्षा में तैनात सभी जवानों का ब्योरा जुटाया है और नेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बिना सुरक्षा के घर से बाहर न निकलें और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें।
त्यौहार के दिन फोन कर भीड़ में न जाने को कहा : गुरदेव शर्मा देबी
पंजाब भाजपा के कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी ने इस पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले कभी ऐसे फोन नहीं आए। जन्माष्टमी जैसे बड़े पर्व की सुबह ही उनके पास पुलिस अधिकारियों के फोन आने लगे कि वे भीड़भाड़ में जाने से बचें। उन्होंने कहा कि स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों ने उन्हें बुलाकर पूरी जानकारी ली और सुरक्षाकर्मियों को साथ रखने की सलाह दी। देबी ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह की चेतावनियों से बिना स्पष्ट इनपुट बताए माहौल में असमंजस पैदा किया जा रहा है।
कोई विशेष धमकी नहीं, यह केवल रूटीन एक्सरसाइज : एडीसीपी रूपिंदर कौर भट्टी
नेताओं में मची हलचल और सुरक्षा अलर्ट के बीच पुलिस प्रशासन ने किसी भी बड़े खतरे की बात को सामान्य बताया है। एडीसीपी (क्राइम) रूपिंदर कौर भट्टी ने स्पष्ट किया कि किसी विशेष धमकी जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पुलिस की एक नियमित सुरक्षा प्रक्रिया है, जो समय-समय पर शहर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को परखने के लिए की जाती है। जिन नेताओं को सुरक्षा दी गई है, उनके सुरक्षा घेरे की समय-समय पर समीक्षा करना और तैनात जवानों को दिशा-निर्देश जारी करना विभाग की सामान्य कार्यप्रणाली का हिस्सा है।