Edited By Vatika,Updated: 01 Oct, 2026 02:46 PM

वहीं, युवक की बुजुर्ग मां सरकारों से अपने बेटे की जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगा रही है।
नंगल: रोजी-रोटी की तलाश में विदेश गए पंजाब के एक और युवक पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नंगल के गांव लोअर पट्टी से संबंधित युवक गुरप्रीत सिंह को सऊदी अरब में फांसी (मौत की सजा) की सुनाए जाने की खबर सामने आई है। यह खबर मिलते ही परिवार में मातम का माहौल है। वहीं, युवक की बुजुर्ग मां सरकारों से अपने बेटे की जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगा रही है।
क्या है पूरा मामला?
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, गुरप्रीत सिंह करीब 4 साल पहले रोजगार के लिए मस्कट (ओमान) गया था, जहां वह ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करता था। करीब दो साल पहले उसे सऊदी अरब में कथित तौर पर नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। परिवार को 25 सितंबर को यह खबर मिली कि अदालत ने गुरप्रीत सिंह को मौत की सजा सुनाई है। इसके बाद से परिवार की चिंता बढ़ गई है।
परिवार का इकलौता बेटा है गुरप्रीत
गुरप्रीत सिंह अपने परिवार का इकलौता बेटा है। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। घर में उसकी बुजुर्ग मां सतवंत कौर अकेली रहती हैं और परिवार का कोई अन्य सहारा नहीं है। परिवार और रिश्तेदारों का कहना है कि गुरप्रीत ही घर का इकलौता सहारा है। उन्होंने सरकारों से अपील की है कि गुरप्रीत की मदद की जाए और उसे सुरक्षित घर वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।
सरकार और समाजसेवियों से मदद की अपील
बुजुर्ग मां और परिवार ने भारत सरकार, भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों से गुरप्रीत को तत्काल कानूनी और कूटनीतिक सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है। इसके अलावा परिवार ने स्थानीय विधायक और 'सरबत का भला चैरिटेबल ट्रस्ट' के प्रमुख डॉ. एस.पी. सिंह ओबरॉय से भी मदद की अपील की है। अब परिवार की नजर केंद्र और पंजाब सरकार की ओर से की जाने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।