Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Aug, 2026 08:54 PM

पंजाब के फाजिल्का से एक बेहद अनोखा और दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक परिवार ने अपनी 108 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मृत्यु पर शोक मनाने के बजाय उनकी लंबी और खुशहाल जिंदगी का जश्न मनाया। गुरुवार को जब बुजुर्ग महिला ने अंतिम सांस ली, तो...
फाजिल्का : पंजाब के फाजिल्का से एक बेहद अनोखा और दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक परिवार ने अपनी 108 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मृत्यु पर शोक मनाने के बजाय उनकी लंबी और खुशहाल जिंदगी का जश्न मनाया। गुरुवार को जब बुजुर्ग महिला ने अंतिम सांस ली, तो परिजनों ने उनकी अंतिम यात्रा को एक उत्सव का रूप दे दिया। घर से लेकर श्मशान घाट तक पूरे रास्ते ढोल-नगाड़े बजाए गए, पटाखे फोड़े गए और परिवार के सदस्यों ने जमकर भांगड़ा डाला।
बुजुर्ग महिला ने अपने जीवनकाल में न सिर्फ बच्चों और पोते-पोतियों को देखा, बल्कि अपने परिवार की चौथी पीढ़ी (परपोते-परपोतियों) को भी अपनी गोद में खिलाया। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहाँ गुरुवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके जाने पर परिवार ने आंसू बहाने के बजाय उनकी पूर्ण और सफल जीवन यात्रा का सम्मान करने का फैसला किया और परिवार ने भी इसी परंपरा को निभाते हुए अपनी परदादी को एक यादगार और सम्मानजनक विदाई दी।