Edited By Subhash Kapoor,Updated: 12 Feb, 2026 06:23 PM

शिक्षा विभाग संघर्ष समिति पंजाब के झंडे तले एकत्रित होने वाली संस्थाएँ—शिक्षा विभाग मंत्रालयीय स्टाफ़ एसोसिएशन (रजि.) पंजाब, एलीमेंटरी टीचर्स यूनियन पंजाब (रजि.), मास्टर कैडर यूनियन पंजाब और लेक्चरार कैडर यूनियन पंजाब—के निर्णय के अनुसार आज प्रदेश...
पंजाब डैस्क : शिक्षा विभाग संघर्ष समिति पंजाब के झंडे तले एकत्रित होने वाली संस्थाएँ—शिक्षा विभाग मंत्रालयीय स्टाफ़ एसोसिएशन (रजि.) पंजाब, एलीमेंटरी टीचर्स यूनियन पंजाब (रजि.), मास्टर कैडर यूनियन पंजाब और लेक्चरार कैडर यूनियन पंजाब—के निर्णय के अनुसार आज प्रदेश भर के शिक्षा कार्यालयों और स्कूलों में अध्यापक और नॉन-टीचिंग स्टाफ ने काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी निभाई और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाया।
आगुओं हरजिंदर पाल सिंह पन्नू, बलजिंदर सिंह ढालीवाल, धर्मजीत सिंह ढिल्लों और गुरप्रीत सिंह खट्टर ने कहा कि अध्यापकों की नौकरियों और प्रमोशनों को बचाने के लिए TET लागू की गई शर्त को हटाना अनिवार्य है। इसके अलावा अध्यापकों और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों की वित्तीय मांगें, पुरानी पेंशन बहाली, गैर-शैक्षिक कार्यों और बी.एल.ओ. सहित अन्य अनावश्यक ड्यूटी से मुक्ति जैसी मांगें भी उठाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुद्दों का समाधान नहीं होने के कारण शिक्षक वर्ग को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, इसलिए संघर्ष की रणनीति बनाई गई है।
गुरप्रीत सिंह खट्टर ने बताया कि 13 से 20 फरवरी के बीच आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्षों को TET और अन्य वित्तीय मांगों संबंधी मांग पत्र सौंपे जाएंगे। इसके बाद 2 मार्च को जिला स्तर पर पंजाब सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। 21 मार्च को जालंधर के देश भगत यादगारी हॉल में प्रदेश स्तरीय सम्मेलन करके रोष मार्च निकाला जाएगा और आगे के तीखे संघर्षों की घोषणा की जाएगी।
आगुओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए अध्यापकों की नौकरियों और प्रमोशनों की रक्षा के लिए TET की शर्त हटाई जाए। इसके साथ ही छठे पे कमीशन की गलतियों को दूर करना, डी.ए. की बकाया किस्तें तुरंत जारी करना, बंद किए गए पेंडू/बॉर्डर और विकलांग भत्ते पुनः लागू करना, ACP के तहत अगले ग्रेड देना, केंद्रीय पैटर्न स्केल की बजाय पंजाब स्केल लागू करना जैसी मांगें भी जल्द मंजूर की जाएँ।
संघर्ष समिति के नेता स्कूल स्तर पर जाकर अध्यापकों और कर्मचारियों को लामबंद करेंगे। अंत में उन्होंने सभी शिक्षक यूनियनों से अपील की कि वे सभी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई में शामिल हों।








