Edited By Kalash,Updated: 30 Aug, 2025 06:18 PM

साइबर क्राइम द्वारा सोशल मीडिया और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों के अश्लील वीडियो और नग्न वीडियो सांझा करने के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए जहां जागरूकता अभियान शुरू किया गया है।
तरनतारन (रमन): साइबर क्राइम द्वारा सोशल मीडिया और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों के अश्लील वीडियो और नग्न वीडियो सांझा करने के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए जहां जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। वहीं पिछले कुछ समय से इस संबंध में कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। गौरतलब है कि साइबर क्राइम पुलिस अब किसी भी नाबालिग के मोबाइल फोन की कभी भी जांच कर सकती है, जिसके तहत पोर्न और अश्लील वीडियो मौजूद होने पर उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार ए.डी.जी.पी. साइबर क्राइम पंजाब द्वारा जारी सख्त आदेशों के तहत राज्य भर के साइबर क्राइम थानों की पुलिस ने नाबालिगों की नग्न वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के साथ-साथ नाबालिगों के मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो मिलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
आज की युवा पीढ़ी के पास छोटी उम्र से ही मोबाइल फोन होता है और वे धीरे-धीरे पढ़ाई के लिए इस्तेमाल होने वाले इन मोबाइल फोन का दुरुपयोग करने लगते हैं। युवा और नाबालिग लड़के-लड़कियां उनकी गलत संगति का शिकार होकर अश्लील वीडियो और फोटो देखने लगते हैं। इस बढ़ते चलन के कारण एक लड़के और लड़की की दोस्ती आगे चलकर दूसरे रिश्ते का रूप लेने लगती है। जिससे बच्चों के माता-पिता को भविष्य में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। छोटी उम्र में ऐसे अश्लील वीडियो और फोटो देखने के बाद बच्चों का मन पढ़ाई से भटकने लगता है और उनके विचार केवल एक ही तरफ केंद्रित हो जाते हैं।
समझदार माता-पिता हमेशा अपने बच्चों को दिए गए मोबाइल पर नियंत्रण रखने की कोशिश करते हैं। जिससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। हालांकि भारत सरकार ने देश में पोर्न साइट्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। फिर भी कुछेक माध्यम से सोशल मीडिया के जरिए शेयर करने से पोर्न वीडियो युवा पीढ़ी तक आसानी से पहुंच जाते हैं।
पोर्न वीडियो भी एक तरह की लत : डा. मुकेश कुमार
मुकेश क्लीनिक सरहाली रोड तरनतारन के मनोचिकित्सक और प्रसिद्ध डॉक्टर मुकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि आज के समाज में नाबालिग लड़के-लड़कियां पोर्न वीडियो और पोर्नोग्राफी के लिंक्स के आदी होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभिभावकों और स्कूल प्रबंधकों को नाबालिगों पर इसके बुरे प्रभावों और सेक्स को लेकर उनके मन में उठने वाले सवालों के बारे में जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे देश में सरकार ने अब छोटे बच्चों को अच्छे-बुरे के बारे में जागरूक करना शुरू कर दिया है। पोर्न की लत लगने की स्थिति में अभिभावकों को बच्चों के साथ दोस्ताना माहौल बनाने और उन्हें जागरूक करने की पहल करनी चाहिए।
नाबालिगों के मोबाइल फोन की पुलिस कर सकती है कभी भी जांच : एस.एस.पी.
जानकारी देते हुए जिला एस.एस.पी. दीपक पारीक ने बताया कि नाबालिगों द्वारा अश्लील चीजे देखना और शेयर करना कानूनी अपराध है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में साइबर क्राइम तरनतारन का स्टाफ समय-समय पर स्कूलों में जाकर बच्चों को इसके प्रति जागरूक कर रहा है और साथ ही इसके दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी सांझा कर रहा है। एस.एस.पी. ने बताया कि नाबालिगों के मोबाइल फोन की पुलिस द्वारा कभी भी जांच की जा सकती है। अगर उनके मोबाइल फोन में कोई भी अश्लील वीडियो या पोस्ट मिलती है, तो उनके खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया जा सकता है। अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने बच्चों को विशेष रूप से समझाएं।
अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने पर हो सकती है कैद : एडवोकेट चब्बा
एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा ने जानकारी देते हुए बताया कि आई.टी. एक्ट की धारा 67 के अनुसार अगर कोई अश्लील वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करता है तो यह कानूनी अपराध है जिसके लिए माननीय न्यायालय आरोपी को कैद और भारी जुर्माने की सजा सुना सकता है। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में अभिभावकों को नाबालिग बच्चों के साथ दोस्ताना माहौल बनाना चाहिए ताकि वे सही राह पर चल सकें।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here