Driving Licence बनवाने वाले ध्यान दें! आ रही है ये दिक्कत-परेशानी

Edited By Vatika,Updated: 17 Jun, 2026 04:29 PM

pay attention to those who make driving license

रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय के अधीन आने वाले ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी

जालंधर (चोपड़ा): रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय के अधीन आने वाले ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी सर्वर ने आवेदकों को निराश कर दिया। सुबह निर्धारित समय पर सेंटर में कामकाज शुरू हुआ, लेकिन करीब 10 बजे अचानक सर्वर ठप हो गया। इसके बाद ड्राइविंग लाइसैंस, लर्निंग लाइसैंस और अन्य संबंधित कार्यों के लिए पहुंचे सैकड़ों आवेदकों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

सर्वर बंद होने के कारण न केवल टेस्ट प्रक्रिया प्रभावित हुई, बल्कि दस्तावेजों की जांच और अन्य औपचारिकताएं भी ठप पड़ गईं। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे लोगों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली। कई आवेदकों ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के ऑनलाइन व्यवस्था के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वर चलेगा या नहीं अथवा कब चलेगा इस संबंध में कोई भी अधिकारी या स्टाफ मैंबर कुछ भी बताने में सक्षम नही था। वहीं ए.आर.टी.ओ. विशाल गोयल ने बताया कि सर्वर की दिक्कत लोकल लेवल पर नहीं आई बल्कि यह दिक्कत पूरे राज्य में आ रही है, जिस कारण वह कुछ भी कर पाने में असहाय है।

रामपाल सिंह, जो कपूरथला रोड़ से अपने बेटे का ड्राइविंग लाइसैंस बनवाने पहुंचे थे, ने कहा कि विगत सप्ताहों दौरान यह लगातार दूसरा मौका है जब उन्हें बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसी तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान करना चाहिए।

नेहा शर्मा, जो ड्राइविंग लाइसैंस के लिए सैंटर पहुंची थीं, ने कहा कि उन्होंने नौकरी से छुट्टी लेकर यहां आने का निर्णय लिया था, लेकिन सर्वर फेल होने के कारण पूरा दिन खराब हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सिस्टम की विश्वसनीयता ही नहीं है तो लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया का लाभ कैसे मिलेगा।

मनप्रीत सिंह, निवासी खांबडा ने कहा कि सरकार डिजिटल पंजाब की बात करती है, लेकिन हकीकत यह है कि लोगों को मूलभूत सेवाओं के लिए भी बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्याओं का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।

राजेश कुमार, जो अपने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए पहुंचे थे, ने कहा कि हर बार सर्वर बंद होने की वजह से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने की मांग की।

वहीं, सुनीता देवी ने कहा कि महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना बेहद मुश्किल होता है। यदि सर्वर संबंधी समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो लोगों का सरकारी व्यवस्थाओं से विश्वास उठ जाएगा।

आवेदकों ने मांग की कि ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर में सर्वर की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा ऐसे मामलों में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी और आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े। लगातार दूसरे दिन सर्वर ठप होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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