Edited By Urmila,Updated: 23 Jan, 2026 06:10 PM

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करते हुए लक्ष्य शर्मा, जो वर्तमान में बीए (आर्ट्स), छठे सेमेस्टर के छात्र हैं, ने पूरे टूर्नामेंट में टीम के प्रथम एकल खिलाड़ी के रूप में अहम भूमिका निभाई।
चंडीगढ़ : चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करते हुए लक्ष्य शर्मा, जो वर्तमान में बीए (आर्ट्स), छठे सेमेस्टर के छात्र हैं, ने पूरे टूर्नामेंट में टीम के प्रथम एकल खिलाड़ी के रूप में अहम भूमिका निभाई। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने क्वार्टर फाइनल में चितकारा यूनिवर्सिटी को 3–1 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की। इसके बाद सेमीफाइनल में यूनिवर्सिटी ऑफ कालीकट के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में 3–2 से जीत दर्ज की। फाइनल में टीम का सामना जैन यूनिवर्सिटी से हुआ, जहां 0–3 से हार के साथ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उपविजेता रही और रजत पदक प्राप्त किया।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की टीम में लक्ष्य शर्मा के साथ मनराज सिंह, शिखर रल्हान, भाभा चाबड़ा, सूरज गोयला, दिव्यम और मयंक राणा शामिल थे। टीम ने यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की कोच सुश्री शहनाज़ के मार्गदर्शन में हासिल की। यह उपलब्धि लक्ष्य शर्मा के लिए ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी स्तर पर लगातार दूसरा पदक है, जो भारतीय बैडमिंटन में उनकी निरंतरता और बढ़ते वर्चस्व को दर्शाता है। वर्तमान में वह पुरुष एकल में भारत में चौथे स्थान पर हैं और उनकी अब तक की सर्वश्रेष्ठ विश्व रैंकिंग 112 रही है।
लक्ष्य शर्मा लुधियाना में अपने पिता मंगत राय शर्मा, जो एनआईएस-योग्य राष्ट्रीय कोच हैं, के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वह लुधियाना के पहले ऐसे बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जिन्होंने बिना किसी बाहरी आर्थिक सहायता या प्रायोजन के इस स्तर तक पहुंच हासिल की है। पांच वर्ष की आयु में बैडमिंटन शुरू करने वाले लक्ष्य की यह सफलता अनुशासन, कठिन परिश्रम और अटूट एकाग्रता का परिणाम है।
लक्ष्य की इस उपलब्धि पर कई प्रतिष्ठित शुभचिंतकों ने उन्हें बधाइयां दीं। नीरज महाजन और रवि महाजन, निदेशक, मुस्कान पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के बैडमिंटन कोच श्री आनंद तिवारी ने भी उन्हें हार्दिक बधाई दी और भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। ओलंपिक पदक जीतने के अंतिम लक्ष्य को सामने रखते हुए लक्ष्य शर्मा आज भी उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने और अपने जिले, राज्य तथा देश की उम्मीदों को गर्व के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here