अमृतसर में अवैध बार चलाने वालों पर आबकारी विभाग का शिकंजा, टारगेट पर दर्जनों इलाके

Edited By Kalash,Updated: 17 Feb, 2026 12:34 PM

illegal bar operators

आबकारी विभाग द्वारा नगर भर में बिना लाइसेंस अवैध बारें चलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।

अमृतसर (इन्द्रजीत): आबकारी विभाग द्वारा नगर भर में बिना लाइसेंस अवैध बारें चलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। एक्साइज विभाग के टारगेट पर इस समय एक दर्जन से अधिक ऐसे इलाके हैं, जहां पर अवैध तौर पर बारें चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में आबकारी विभाग इन दो नंबर में शराब पीने-पिलाने वालों पर तीखी नजर रखे हुए है। विभागीय सूत्रों से पता चला है कि आबकारी विभाग के सहायक कमिश्नर अमृतसर रेंज दिलबाग सिंह चीमा को सूचना मिल रही हैं कि अमृतसर के माल रोड, रणजीत एवेन्यू, 88 फुट रोड, बस स्टैंड,अल्फा मॉल के निकट, मजीठा रोड, सुल्तान विंड रोड, रामबाग, गेट हकीमा, अनगढ़, झब्बाल रोड, तरनतारन रोड आदि एक दर्जन से अधिक इलाकों में बड़ी संख्या में बिना लाइसेंस शराब अवैध तौर पर पिलाई जाती है। ए.ई.टी.सी. चीमा के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा अपने सूचना तंत्र तेज कर दिए गए हैं।

आबकारी विभाग द्वारा इंस्पेक्टर पंडित रमन शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, सुनील कंडा, जगदीप कौर व अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें गठित की जा रही हैं, जो बराबर उन ठिकानों पर निगरानी रख रहे हैं, जहां अवैध शराब पीने और पिलाने के अड्डे बने हुए हैं। आबकारी विभाग अवैध शराब की बारों पर कार्रवाई करने के अलावा ऐसे स्थानों पर भी अपनी निगरानी रख रहा है, जो लोग छोटे इलाकों में ढाबे, रेस्टोरेंट, मीट की दुकानों आदि पर अवैध शराब पिलाते हैं।

कारों में बारों पर पुलिस हो जाती हैं बेबस, छापा पड़ने पर कार दौड़ा ले जाते हैं पीने वाले!

वर्तमान समय में अमृतसर में चल रही लाइसेंसी बारों पर इसलिए अधिक संकट आया हुआ है कि यहां पर कारों के अंदर शराब पीने का कल्चर पिछले सालों से बहुत अधिक बढ़ चुका है। इसमें शाम ढलने के बाद अच्छे नॉनवेज खाने बनाने वाले छोटे ढाबों के बाहर कारें खड़ी हो जाती हैं। यहां तक कि मटन की रेहड़ियां भी इनका प्रमुख ठिकाना होती हैं। इनके बाहर कारों में बैठकर उन्हें पूरी सर्विस सड़क पर ही वेटरों द्वारा मिल जाती है। जैसे ही किसी रेड की भनक मिलती है तो यह कार-स्टार्ट करके खाने पीने के सामान और शराब की बोतल सहित निकल जाते हैं।

उधर, आबकारी विभाग का यह भी तर्क रहा है कि इस प्रकार के लोगों को पकड़ना पुलिस का काम है, क्योंकि शहर में इनकी संख्या बहुत अधिक है। वहीं आम लोगों में धारणा है कि पुलिस की मर्जी के बगैर एक बूंद भी शराब अवैध तौर पर पिलाई नहीं जा सकती। वहीं वर्तमान समय में आबकारी विभाग ने इन लोगो से दो-दो हाथ करने का प्लान बना लिया है।

अवैध बारों को रोकने के लिए कई दिनों तक चली है अधिकारियों की मीटिंग 

अमृतसर के एक्साइज विभाग की कई दिनों से लगातार मीटिंग चल रही है, जिसमें मुख्य तौर पर मुद्दा पूरे शहर और देहाती इलाकों में अवैध तौर पर वाइन एंड बियर बारें चलाने वालों का है। पता चला है कि मीटिंग में इस बात पर जोर देते हुए सहायक कमिश्नर आबकारी अमृतसर डी.एस चीमा ने एक्साइज विभाग के अधिकारियों को निर्देश में कहा कि शहर के सभी इलाकों में छानबीन करके इनकी लिस्टें बनाई जाएं और हर प्रकार से अवैध बारों को रोका जाए। सड़कों पर पार्क किए वाहनों में शराब पीने वाले लोगों को रोकने के लिए इनकी वीडियोग्राफी की जाए और लोकल पुलिस की मदद भी ली जाए।

एक्साइज एक्ट है धंधेबाजों के लिए सुविधाजनक! 

वास्तव में अवैध शराब के लिए आबकारी अधिनियम की धारा 61/1/14 इसके धंधेबाजों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही है, क्योंकि इसकी जमानत कार्रवाई होने के चंद घंटे बाद ही मिल जाती है। जमानत के बाद यह लोग सिर्फ उसी धंधे में लग जाते हैं, यही कारण है कि अवैध शराब का धंधा बढ़ता जा रहा है। कई मामलों में तो पुलिस स्टेशन में पुलिस मौके पर ही जमानत ले लेती है। इसलिए इस कानून को तोड़ने के लिए लोगों को कोई संकोच नहीं होता।

बाहर से आने वाली शराब पर कड़ी नजर 

एक्साइज विभाग की टीमें बाहर से आने वाली शराब पर अधिक फोक्स रख रही हैं, क्योंकि इस प्रकार की शराब से आबकारी विभाग के रैवेन्यू को सीधा नुक्सान होता है, जिसमें ठेकेदारों की सेल टूट जाती है। ज्यादातर यहां पर बिकने वाली शराब चंडीगढ़ हरियाणा से होती है, जिसका पंजाब को सीधा नुक्सान पहुंचता है। आबकारी विभाग इस बात पर भी विचार कर रहा है कि कई लोग मिथाइल-अल्कोहल से बनी हुई शराब का काम भी करते हैं, जिसके कारण कई लोग मारे भी गए हैं। पिछले वर्ष अप्रैल 2025 के महीने मजीठा में भी 45 लोग मारे गए और कई बुरी तरह से बीमार हुए थे।  पता चला है कि आबकारी विभाग के अधिकारी अब जहरीली शराब बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए पकड़े गए द्रव्य के सैंपल भी चैक करवाएंगे। सैंपल में जहरीला तत्व पाए जाने पर आपराधिक मामले भी दर्ज किया जा सकते हैं।

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