अमृतसर : इंटेलिजेंस का अफसर नशा तस्करी में नामजद, गिरफ्तारी के लिए ANTF कर रही छापेमारी

Edited By Kalash,Updated: 16 Feb, 2026 02:38 PM

intelligence officer drugs smuggling case

एक तरफ जहां सरकार की ओर से नशों के खात्मे के लिए “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान चलाया जा रहा है

अमृतसर (नीरज): एक तरफ जहां सरकार की ओर से नशों के खात्मे के लिए “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान चलाया जा रहा है, वहीं कुछ बड़ी सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी ही नशा तस्करों को संरक्षण दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार दो सप्ताह पहले ए.एन.टी.एफ. की टीम ने लाहौरी गेट, इस्लामाबाद रोड से 2 किलो हेरोइन सहित चार तस्करों को गिरफ्तार किया था, जिसमें कनाडा में बैठे तस्कर गुरविंदर सिंह उर्फ बाबा का नाम सामने आया। जब ए.एन.टी.एफ. ने गुरविंदर के पिता को जांच के लिए बुलाना शुरू किया तो अचानक इंटेलिजेंस विंग के अधिकारी रिपन कुमार की एंट्री हुई और कपड़ा व्यापारी गौरव अरोड़ा के जरिए 5 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।

ए.एन.टी.एफ. के अधिकारियों को जब इसकी सूचना मिली तो गौरव को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन रिपन अभी फरार है। हालांकि ए.एन.टी.एफ. और इंटेलिजेंस विंग दोनों अलग-अलग विभाग हैं। फिलहाल रिपन की गिरफ्तारी के लिए ए.एन.टी.एफ. की टीम छापेमारी कर रही है।

क्या था मामला 

2 फरवरी 2026 को ए.एन.टी.एफ. की टीम ने लाहौरी गेट, इस्लामाबाद रोड पर एक स्कूटी और कार सवार 4 युवकों को काबू किया। स्कूटी की डिग्गी से 2 किलो 80 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। पकड़े गए आरोपियों भोलू, पीयूष, गौरव और चांद से पूछताछ के दौरान जेल में बंद सचिन का नाम सामने आया। उसकी निशानदेही पर 9 लाख रुपये की ड्रग मनी और 3 पिस्टल बरामद किए गए तथा कनाडा निवासी गुरविंदर सिंह उर्फ बाबा का नाम सामने आया। जब गुरविंदर के पिता को बुलाया गया तो उन्होंने बताया कि उनका नाम केस से बाहर निकालने के लिए गौरव अरोड़ा आया था। उसने 10 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी और 5 लाख रुपये ले भी लिए।

कपड़ा व्यापारी गौरव अरोड़ा ने भी माना कि पहले 3 लाख और फिर 2 लाख रुपये रिपन को दिए गए। रिपन लंबे समय तक एस.एस.पी. विजिलेंस का रीडर रह चुका है और कुछ महीने पहले ही पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विंग में तैनात हुआ था।

नशा तस्कर से पूर्व एस.एच.ओ. ने बिचौलिए के जरिए लिए थे 5 लाख 

विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने 31 अक्टूबर 2025 को छेहर्टा निवासी ललित अरोड़ा को थाना छेहर्टा के एस.एच.ओ. विनोद कुमार के लिए 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। तब से विनोद कुमार फरार है और उसकी ओर से अदालत में लगाई गई जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि अभी तक पुलिस या विजिलेंस विभाग उसे पकड़ नहीं सका है। शिकायतकर्ता विक्की ने आरोप लगाया था कि विनोद की टीम ने उसके चचेरे भाई को नशा तस्करी के केस में फंसाने की धमकी दी थी और उनकी कार जब्त कर ली थी। इस दौरान 30 लाख रुपये रिश्वत मांगी गई, जो ललित अरोड़ा के जरिए ली जानी थी।

डी.आर.आई. के इंस्पेक्टर से पकड़ी गई थी 4.4 किलो हेरोइन 

डी.आर.आई. जैसी केंद्रीय एजेंसी, जो नशा तस्करी और अन्य प्रकार की तस्करी के बड़े मामलों के लिए जानी जाती है, उसी एजेंसी का एक नव नियुक्त इंस्पेक्टर 4.4 किलो हेरोइन के साथ सिटी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। मंजीत सिंह निवासी रोहतक और रवि कुमार निवासी फिरोजपुर को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया। इसके बाद अन्य आरोपियों तलविंदर सिंह, रोहित शर्मा, अभिषेक, अर्शदीप, अमित कुमार और सतनाम सिंह को भी पकड़ा गया। इस मामले में अमित कुमार पाकिस्तान से हेरोइन की खेप मंगवाता था और डी.आर.आई. का इंस्पेक्टर मंजीत सिंह रातों-रात अमीर बनने के लालच में फंस गया।

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