Edited By Urmila,Updated: 27 Mar, 2026 03:32 PM

अकाली दल पुनर सुरजीत के प्रधान ज्ञानी हरप्रीत सिंह आज अपने समर्थकों के साथ डिप्टी कमिश्नर कार्यालय अमृतसर पहुंचे।
अमृतसर: अकाली दल पुनर सुरजीत के प्रधान ज्ञानी हरप्रीत सिंह आज अपने समर्थकों के साथ डिप्टी कमिश्नर कार्यालय अमृतसर पहुंचे, जहां उनकी अगुवाई में सांकेतिक विरोध धरना दिया गया। इस धरने का मुख्य उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामलों में दोषियों को सख्त सजा दिलाने और पिछले लगभग 16 वर्षों से लंबित पड़ी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की आम चुनाव तुरंत करवाने की मांग करना था।
मीडिया से बातचीत करते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि अलग-अलग सरकारों द्वारा बेअदबी मामलों में दोषियों को सजा देने के वादे किए गए, लेकिन अब तक किसी भी सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार ने भी यह वादा किया था और मौजूदा सरकार ने भी चुनावों के दौरान यही बात कही, लेकिन चार साल बीत जाने के बावजूद कोई नतीजा सामने नहीं आया।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए गुरु ग्रंथ साहिब जी के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने स्पष्ट किया कि गुरु ग्रंथ साहिब जी की सर्वोच्चता पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
धरने के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से वे अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने मांग की कि एसजीपीसी के चुनाव बिना किसी और देरी के कराए जाएं, ताकि गुरुद्वारा प्रबंधन में पारदर्शिता लाई जा सके। इस मौके पर उन्होंने आरोप लगाया कि बेअदबी मामलों में कुछ केसों को लंबे समय तक लटकाया गया और जब मंजूरी मिली तब भी उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह सभी हालात दर्शाते हैं कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर गंभीर नहीं है।
अंत में ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि पंथक मुद्दों पर जल्द ही एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है, जिसे चंडीगढ़ में पेश किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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