Edited By Urmila,Updated: 30 Mar, 2026 04:49 PM

कुकिंग गैस की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की अनिश्चितता के बीच इंडक्शन चूल्हा लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
पंजाब डेस्क : कुकिंग गैस की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की अनिश्चितता के बीच इंडक्शन चूल्हा लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। हालांकि, ज्यादातर उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल जरूर रहता है कि इंडक्शन चूल्हा आखिर कितनी बिजली खर्च करता है और इससे बिजली बिल कितना बढ़ता है।
कितनी होती है बिजली की खपत
आमतौर पर बाजार में उपलब्ध इंडक्शन चूल्हे 1200 वॉट से 2000 वॉट क्षमता के होते हैं। यदि 2000 वॉट (2 किलोवॉट) का इंडक्शन चूल्हा एक घंटे तक पूरी क्षमता पर चलाया जाए, तो यह करीब 2 यूनिट बिजली की खपत करता है। रोजाना एक घंटे इस्तेमाल करने पर महीने में लगभग 60 यूनिट बिजली खर्च हो सकती है।
बिजली बिल पर कितना असर पड़ेगा
बिजली का खर्च स्थानीय दरों पर निर्भर करता है। अगर आपके इलाके में बिजली का रेट 6 रुपये प्रति यूनिट है, तो महीने का खर्च करीब 360 रुपये होगा। वहीं, 8 से 10 रुपये प्रति यूनिट की दर पर यह खर्च 480 से 600 रुपये तक पहुंच सकता है।
इंडक्शन चूल्हा कैसे करता है काम
इंडक्शन चूल्हा पारंपरिक गैस चूल्हे से अलग तकनीक पर काम करता है। इसमें चुंबकीय तरंगों (मैग्नेटिक फील्ड) के जरिए सीधे बर्तन को गर्म किया जाता है। इससे ऊर्जा की बर्बादी कम होती है और इसे गैस की तुलना में ज्यादा ऊर्जा दक्ष माना जाता है।
बिजली बचाने के आसान उपाय
• हमेशा सपाट और सही साइज के बर्तन का ही इस्तेमाल करें।
• खाना बनाते समय बर्तन को ढककर रखें, इससे जल्दी पकता है और बिजली बचती है।
• जरूरत के अनुसार ही पावर लेवल सेट करें, बेवजह हाई पावर न रखें।
• खाना बनते ही इंडक्शन चूल्हा बंद कर दें और बार-बार ऑन–ऑफ करने से बचें।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इंडक्शन चूल्हे का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह गैस चूल्हे की तुलना में ज्यादा किफायती, सुरक्षित और ऊर्जा बचाने वाला विकल्प साबित हो सकता है।
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