Edited By Subhash Kapoor,Updated: 31 Jan, 2026 11:19 PM

पंजाब के लुधियाना में 26 जनवरी की रात कैब ड्राइवर से कथित हिरासत में मारपीट के मामले में FIR दर्ज होने के एक दिन बाद पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इस मामले को सियासी रंगत ना मिलती, इस कारण मामले की जांच DCP...
लुधियाना (गीतांजलि) : पंजाब के लुधियाना में 26 जनवरी की रात कैब ड्राइवर से कथित हिरासत में मारपीट के मामले में FIR दर्ज होने के एक दिन बाद पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इस मामले को सियासी रंगत ना मिलती, इस कारण मामले की जांच DCP (इन्वेस्टिगेशन) हरपाल सिंह को सौंपी गई है। शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।
यह विवाद 26 जनवरी को ओल्ड सेशन कोर्ट चौक के पास सड़क हादसे के बाद सामने आया। कैब ड्राइवर रंजीत सिंह ने आरोप लगाया कि दूसरी कार से टक्कर के बाद पुलिस को बुलाया गया और बाद में पुलिस चौकी में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। शुक्रवार को कई संगठनों ने भारत नगर चौक पर करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया, जिससे आस-पास के इलाकों में भारी जाम लगा और यातायात प्रभावित रहा। इसके बाद पुलिस ने तीन कर्मियों—हेड कांस्टेबल लवप्रीत सिंह, दीपक शर्मा (पंजाब होमगार्ड) और एक सहयोगी रोहित—के खिलाफ डिवीजन नंबर-8 थाने में FIR दर्ज की। वहीं, हादसे में शामिल दूसरी कार के सवार राजीव गुप्ता (गांधी नगर) और अजय शर्मा (बिंद्राबन रोड) सहित उनके साथियों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है।
DCP हरपाल सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर FIR दर्ज की गई हैं। कथित आत्महत्या प्रयास के पहलू की भी जांच की जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने से बचने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि गलत जानकारी फैलाने वालों पर कार्रवाई हो सकती है।
खैहरा ने की न्यायिक जांच की मांग
सीनियर कांग्रेस नेता और भुलथ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने रंजीत सिंह से मुलाकात के बाद इस घटना को ‘चौंकाने वाला और अमानवीय’बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में पुलिस की मनमानी बढ़ रही है और हिरासत में हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। खैहरा ने मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच, दोषी अधिकारियों के तत्काल निलंबन और पुलिस शक्तियों के दुरुपयोग पर रोक के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।