Edited By Kalash,Updated: 29 Oct, 2026 12:50 PM

फाजिल्का में RTA, RTO दफ्तर के कर्मचारियों द्वारा लोगों को लूटा जा रहे हैं।
फाजिल्का (सुखविंदर थिंद): फाजिल्का में RTA, RTO दफ्तर के कर्मचारियों द्वारा लोगों को लूटा जा रहे हैं। फाजिल्का के RTA, RTO ऑफिस के तहत लाइसेंस बनाने वाले टेस्ट ट्रैक पर मनीश गाबा और अन्य कर्मचारियों द्वारा टेस्ट पास करने के बदले मोटे पैसे वसूले जाने का आरोप है। जानकारी मिली है कि मनीष गाबा को पहले विभाग ने सस्पेंड भी किया था पर अफसरों से अच्छा तालमेल होने के कारण ये फिर बहाल हो गया जो जांच का विषय है और अफसरों ने उसे बहाल करके फिर ट्रैक पर लगा दिया जहां से मोटी कमाई होती है। जानकारी ये भी मिली है कि उसका भाई प्रदीप गाबा जिसने जलालाबाद में अपनी दुकान खोली हुई है, जहां लाइसेंस बनवाने की फाइलें तैयार होती हैं और वहां ही ट्रैक टेस्ट पास करवाने के लिए एडवांस में पैसे दिए जाते हैं, साथ ही फाजिल्का के दूसरे एजेंट भी शामिल है। इस दौरान अगर ट्रैक पर टेस्ट पास नहीं होता तो कैमरे बंद कर दिए जाते हैं या टेक्निकल खराबी बताकर टेस्ट दोबारा करवाया जाता है।
इसी तरह भले वह आदमी तीन बार अपनी पाड़ी चलाए उन्हें किसी तरह का कोई डर नहीं पर जो गरीब बाहर से किसी से फाईल बनवाकर लाता है और एजेंट को रिश्वत नहीं दी जाती तो उन्हें एक ही मौका दिया जाता है। जानकारी मिली है कि रिश्वत देने वालों के टेस्ट या तो सुबह स्टाफ के आने से पहले या फिर कई बार देर रात अंधेरे में लिए जाते हैं, जिसके वीडियो और फोटो भी मौजूद हैं। हैरानी की बात है कि सस्पेंड होने के बावजूद उसे किसने बहाल करवाया और उसका भाई खुद एजेंट है जो जांच का विषय है। लोगों ने कहा कि इसकी जांच किसी अच्छी एजेंसी से होनी चाहिए। इस बारे में जब RTA सेखों और गाबा से बात की गई, तो उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए उन्हें अपने ऑफिस में बुलाया।
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