बड़ी खबर: किसानों ने राज्य में दी यात्री और मालगाड़ियां चलाने की मंजूरी

Edited By Tania pathak,Updated: 21 Nov, 2020 09:11 PM

farmers approve to run passenger and goods trains in the state

इस का ऐलान आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ किसान जत्थेबंदियों की मीटिंग के बाद किया गया है...

पंजाब/चंडीगढ़: केंद्र के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब के विभिन्न किसान संगठनों ने शनिवार को घोषणा की कि यात्री ट्रेनों की आवाजाही के लिए वे 23 नवंबर से अपने रेल रोको आंदोलन को वापस ले रहे हैं। राज्य में यात्री ट्रेनों की आवाजाही की अनुमति देने का फैसला मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह के साथ किसान नेताओं के प्रतिनिधियों की एक बैठक के बाद आया है। राज्य में माल और यात्री गाड़ियों की फिर से बहाली के लिए मुख्यमंत्री की तरफ से आज किसान संगठनों के साथ मीटिंग की गई थी, यह भी खबर थी कि कुछ किसान संगठन राज्य में दोनों ट्रेनों के चलाने के हक में थे जबकि कुछ इससे इंकार कर रहे थे।

इससे पहले भी किसान जत्थेबंदियों ने राज्य में मालगाड़ियों को चलाने को मंजूरी दे दी थी जबकि केंद्र सरकार का तर्क था कि जब तक किसान पूरी तरह रेलवे ट्रैक खाली नहीं करते और मालगाड़ियां साथ-साथ यात्री ट्रेने चलाने को राजी नहीं होते तब तक पंजाब में ट्रेनों चलाने को मंजूरी नहीं दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक अब किसान जत्थेबंदियों ने मालगाड़ियों के साथ-साथ यात्री ट्रेनें चलाने की भी मंजूरी के दी है। 

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गौरतलब है कि पंजाब में किसान आंदोलन  के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित है। पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शन को 50 दिन से अधिक समय हो चुका हैं। इस दौरान 1,986 यात्री रेलगाड़ियां और 3,090 मालगाड़ियों के रद्द होने से राज्य को कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

पंजाब में रोजाना करीब 30 रैक माल आता है और 40 रैक के करीब माल बाहर जाता है, जो इस रेल रोकों आंदोलन से प्रभावित हुआ है। इसी के साथ सैनिकों तक सुरक्षा सामान पहुंचाने, उद्योगों आदि में भी इसका असर पड़ा है। राज्य में इसी उथल-पुथल हुए हालातों को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा बीते दिन किसानों को रेल नाकाबंदी खत्म करने में मदद करने का आग्रह किया गया था।

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