Edited By Kalash,Updated: 14 Feb, 2026 05:57 PM

पंजाब में नशे के कारण घरों के चिराग बुझ रहे हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम की पोल उस समय खुली जब अमृतसर में एक युवा फुटबॉल खिलाड़ी की कथित तौर पर ड्रग्स के ओवरडोज से मौत हो गई।
अमृतसर : पंजाब में नशे के कारण घरों के चिराग बुझ रहे हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही युद्ध नशे विरुद्ध मुहिम की पोल उस समय खुली जब अमृतसर में एक युवा फुटबॉल खिलाड़ी की कथित तौर पर ड्रग्स के ओवरडोज से मौत हो गई। मृतक की पहचान 26 वर्षीय आकाश सैनी के रूप में हुई है, जो कोट खालसा के गुरु नानकपुरा इलाके का रहने वाला था। उसने बी.एससी. की हुई थी और फुटबॉल खेलता था। उसके पिता अशोक कुमार पंजाब पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं।
परिजनों के अनुसार आकाश नशे की लत से जूझ रहा था और उसे कई बार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। गुरुवार रात को ही उसे केंद्र से घर लाया गया था। अगले दिन वह एक युवक के साथ घर से बाहर गया, जिसके बाद उसने कथित तौर पर नशे का इंजेक्शन लिया। शाम को परिवार को सूचना मिली कि वह खेतों में बेहोश पड़ा है। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी।
बेटे की मौत से आक्रोशित परिवार ने शव सड़क पर रखकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि नशा करने वालों को तो पकड़ा जा रहा है, लेकिन नशा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही और इलाके में खुलेआम नशा बिक रहा है। आकाश के पिता ने कहा कि अगर लोग अपने बच्चों को बचाना चाहते हैं को वह पंजाब छोड़ कर यू.पी. बिहार चले जाएं। पुलिस अधिकारी हरसंदीप सिंह ने बताया कि परिवार के बयानों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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